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पानीपत : पहाड़ों में हुई बारिश के बाद यमुना ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। रात दो बजे गांव नन्हेड़ा के पास बांध टूट गया। छह गांव पानी से लबालब हो गए। इन गांवों का पूरी तरह से संपर्क टूट गया है। इन गांवों में हजारों लोग फंसे हैं। प्रशासन इनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। यहां राहत कार्य जारी हैं। 30 एकड़ में खड़ी फसल तबाह हो चुकी है। एनडीआरएफ को भी बुलाया गया है। रात करीबन दो बजे यमुना में 2.30 क्यूसेक पानी पहुंचा था। पानी के दबाव में ये बांध टूटा है। इससे पहले 2013 में भी इस स्थान पर बांध टूटा था।

पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात से यमुना उफान पर है। यह चेतावनी के निशान को पार कर गई है। इससे यमुना के तटीय क्षेत्र में 30 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। छह गांव डूब चुके हैं। नौ गांवों में पानी जाने का भय बना हुआ है। सनौली गोशाला में भ पानी पहुंच चुका है। यहां से 110 गोवंशों को निकाला जा चुका है।

प्रशासन किसानों की डूबी फसल का आंकलन भी कर रहा है। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को यमुना में 2.58 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से बाढ़ की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार सुबह को 232 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां से चेतावनी बिंदू 210 मीटर व खतरे का निशान 231. 500 मीटर पर आ गया है। अब यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

By Admin

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