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केजरीवाल के बंगले पर 45 करोड़ खर्च करने का मामला, दिल्ली के एलजी ने 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
एलजी ने इस मामले पर दिल्ली के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने 45 करोड़ के खर्चे से संबधित दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए कहा है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले पर 45 करोड़ रुपये खर्च करने के आरोपों के बाद मचे हंगामे के बीच दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले पर दिल्ली के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने 45 करोड़ के खर्चे से संबधित दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए कहा है। एलजी ने 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी निवास के ‘सौंदर्यीकरण’ में खुल्लम खुल्ला भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उपराज्यपाल की छानबीन से बचने के लिए विभिन्न मदों में व्यय 10 करोड़ रुपये से नीचे रखा गया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बृहस्पतिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली सरकार के सामान्य वित्तीय नियमों के अनुसार 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक की परियोजना से संबंधित फाइल उपराज्यपाल के पास भेजी जानी होती है जबकि विभागीय प्रमुख या मंत्री को उससे कम के खर्च को मंजूरी देने का अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल के बंगले के रेनोवेश के विभिन्न चरणों में विभिन्न मदों में खर्च नौ करोड़ रुपये से अधिक था, लेकिन उसे जानबूझकर 10 करोड़ रुपये से नीचे रखा गया। उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय पर खर्च 9.99 करोड़ रुपये था।’’ भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया, ‘‘ आपने बिल्कुल 9.99 करोड़ रुपये की राशि की गणना की क्षमता कहां से हासिल की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ यह खुल्लम खुल्ला भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है। इससे आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार पर से पर्दा स्पष्ट रूप से हट जाता है।’’
भाजपा नेता ने कहा कि जिस तरह पूरे खर्च को अलग-अलग बांटा गया, उससे ‘गहरा संदेह’ पैदा होता है। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल के आवास की साज-सज्जा के लिए एक करोड़ रुपये में एक एडवायजरी कंपनी नियुक्त की गयी। उन्होंने मांग की, ‘‘ उन्हें बताना चाहिए कि परामर्शदाता कौन था। ’’ उन्होंने सवाल किया कि कहीं यह परामर्शदाता आप का ‘‘अपना आदमी’’ तो नहीं था। भाजपा प्रवक्ता ने कहा,‘‘ आप ने तो सारी सीमाएं लांघ दी। केजरीवाल के सारे फर्जीवाड़े एवं झूठ सामने आ गये हैं। चाहे पर्दें हो या टाईल्स, या कारपेट या पंखे, उन्होंने हर चीज में शानोशौकत का ख्याल रखा। उन्हें लाखों रुपये के पंखे से ही हवा चाहिए और उन्हें करोड़ों रूपये का महल चाहिए।’’

By Admin

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