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नई दिल्ली। 4 दिन पहले आए भूकंप के तेज झटकों ने भीषण तबाही मचाई है। शहर के शहर बर्बाद हो चुके हैं। ऊंची-ऊंची इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। तुर्की और सीरिया में अब तक 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 70 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। तबाही के इस खौफनाक मंजर के बीच अब भी रेस्क्यू आॅपरेशन जारी है। संकट की इस घड़ी में तुर्की के साथ भारत मजबूती के साथ खड़ा है। इंडियन आर्मी और ठऊफऋ की टीमें आॅपरेशन दोस्त के तहते तुर्की में रेस्क्यू आॅपरेशन कर रही हैं और तबाही के जख्मों पर मरहम लगा रही हैं। भारत द्वारा फिलहाल तुर्की के लिए आॅपरेशन दोस्ती चलाया जा रहा है।
इस बीच भारतीय सरकार द्वारा भारतीय सेना की एक टीम को व एनडीआरएफ की टीम को राहत बचाव कार्य के लिए तुर्की भेजा गया है। इस बीच इंडिया टीवी की टीम तुर्की पहुंची। यहां राहत बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना की तरफ से आई मेजर बीना तिवारी से हमारी खास बातचीत हुई। इस बातचीत में बीना तिवारी ने बताया कि जब तुर्की की एक महिला उनसे आकर गले लग गईं और उन्हें चूमने लगीं तो वह एक भावुक कर देने वाला पल था। मेजर बीना तिवारी ने आगे कहा कि हमने उम्मीद नहीं की थी कि हमारे इलाज से यहां के घायल लोग इतने खुश होंगे। जब से हम तुर्की में आए हैं तब ये यहां सभी लोग हमारी मदद कर रहे हैं। सब बहुत खुश हैं कि हम यहां मदद के लिए यहां आए हैं।
उन्होंने कहा कि 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल पहले भी नेपाल भूकंप तथा कई आॅपरेशंस में जा चुका है। मुझे 60 पैरा का भाग पहली बार बनने का मौका मिला और मैं तुर्की में आकर लोगों की मदद कर पा रही हूं। उन्होंने कहा कि मैं भारतीय सेना की भाग हूं। खासकर 60 पैरा फील्ड की हूं जो मुझे यहां आने का मौका मिला और मरीजों को इतना अच्छा ट्रीटमेंट मिला है कि सभी खुश हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनके पति भी फौजी हैं और उनके दादा, पिता, ससुर सभी फौज में हैं। उन्होंने भारतीय सेना में इतना अच्छा काम करने को लेकर कहा कि यहां तक पहुंचने का श्रेय मेरे परिवार को जाता है। उन्होंने अपने सीनियर्स को भी धन्यवाद दिया कि उन्हीं के द्वारा सीखाई गई चीजों के जरिए ही वो लोगों की देखभाल कर पा रही हैं।

By Admin

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