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नई दिल्ली. राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों के लिए 10 जून को चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की 11, महाराष्ट्र, तमिलनाडु की छह-छह, बिहार की पांच, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान की चार-चार, ओडिशा, मध्य प्रदेश की तीन-तीन, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, हरियाणा, पंजाब की दो-दो और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है।

रिटायर हो रहे सांसदों में कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं किन-किन दिग्गज सदस्यों की सदस्यता खत्म हो रही और उनमें से कितनों को दोबारा टिकट मिला है? इसके साथ ही जानिए राज्यसभा का चुनाव कैसे होता है और इसकी प्रक्रिया क्या है?

अलग-अलग राज्यों के विधानसभा में भाजपा की स्थिति को देखा जाए तो 57 में से राज्यसभा की 20 सीटें भाजपा आसानी से जीत सकती है। इनमें सबसे ज्यादा उत्तरप्रदेश में सात, उत्तराखंड में एक, हरियाणा में एक, राजस्थान में एक, मध्य प्रदेश में दो, महाराष्ट्र में दो, कर्नाटक में दो, बिहार में तीन, झारखंड में एक सीट शामिल है।

मतलब विधानसभा सभा में संख्या बल को देखते हुए इन सीटों पर भाजपा की जीत पक्की है। इसके अलावा करीब 10 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा की जीत के आसार हैं। वहीं, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब, तमिलनाडु में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और केंद्रीय मंत्री आरसीपी – फोटो : अमर उजाला
भाजपा ने अपने पुराने सदस्यों में से अब तक केवल तीन को ही दोबारा मौका दिया है। इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और बिहार से सांसद सतीश चंद्र दुबे हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, एमजे अकबर, शिव प्रताप शुक्ला जैसे नामों को अभी तक टिकट नहीं मिला है।

बताया जा रहा है कि जल्द ही भाजपा की दूसरी सूची भी जारी होगी। इसमें कुछ नाम शामिल होंगे। हालांकि, अगर मुख्तार अब्बास नकवी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। इसी तरह जेडीयू के कोटे से केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की भी सदस्यता खत्म हो रही है। जेडीयू ने भी उन्हें दोबारा टिकट नहीं दिया है। ऐसे में उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ सकता है।

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