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मास्को/कीव/वाशिंगटन. रूस और यूक्रेन के बीच संकट और भी गहरा हो गया है। बार-बार खबर सामने आ रही है कि, यूक्रेन में रूसी फौज प्रवेश कर चुकी है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इससे पहले अलगाववादियों की ओर से यूक्रेन की सेना पर हमले की बात सामने आई थी। इस हमले में एक जवान की जान चली गई थी। इस बीच फ्रांस ने दावा किया है कि रूस अब यूक्रेन की एक स्वायत्त राष्ट्र के तौर पर पहचान को मिटाना चाहता है। उधर ऑस्ट्रेलिया ने दावा किया है कि अगले 24 घंटे में रूस की सेना यूक्रेन पर पूर्ण रूप से आक्रमण कर सकती है। इन दावों के बीच यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक शुरू हो चुकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने रूस की नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन पर प्रतिबंधों की घोषणा की
जो बाइडन ने अपने बयान में कहा कि मैंने अपने व्यवस्थापक को नॉर्ड स्ट्रीम 2 एजी और उसके कॉर्पोरेट अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ये कदम यूक्रेन में रूस की कार्रवाइयों के जवाब में प्रतिबंधों की हमारी प्रारंभिक किश्त का एक और हिस्सा हैं। आगे बाइडन ने कहा जैसा कि मैंने स्पष्ट किया है, अगर रूस आगे बढ़ना जारी रखता है तो हम और कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे।

रूस ने यूक्रेन में अपना दूतावास खाली किया
रूस की सरकार संचालित समाचार एजेंसी तास ने बुधवार को कहा कि मॉस्को ने यूक्रेन स्थित अपना दूतावास खाली कर दिया है। वहीं, यूक्रेन ने भी अपने नागरिकों से रूस छोड़ने का आग्रह किया है। मॉस्को का कीव में दूतावास है और खार्किव, ओडेसा तथा ल्वीव में वाणिज्य दूतावास हैं।

यूक्रेन के समर्थन में रोशनी से नहाए पेरिस और बर्लिन के ऐतिहासिक स्मारक
जर्मनी की राजधानी बर्लिन और फ्रांस की पेरिस में आज रात यूक्रेन के राष्ट्रीय रंगों, नीले और पीले रंग में एक ऐतिहासिक स्मारक को रोशन करके कीव के साथ एकजुटता दिखाई है। बर्लिन के मेयर फ्रांजिस्का गिफी ने कहा कि हम यूक्रेन के लोगों के साथ हैं और लेकिन रूस और यूक्रेन में शांति चाहने वाले कई रूसियों के साथ भी अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं।

स्विस बैंक प्रतिबंधों से पीछे हटे
स्विट्जरलैंड का कहना है कि वह यूक्रेन को लेकर चल रहे भारी विवाद के मद्देनजर रूस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। आज देश के सरकारी तंत्र और मंत्रियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया है। साथ ही मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के रूप में डोनेट्स्क और लुहान्स्क की रूस की मान्यता की निंदा की।

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