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रुड़की। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) रुड़की में जिज्ञासा विद्यार्थी-वैज्ञानिक संयोजन कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही इस वर्ष के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के विषय विज्ञान में महिलाओं के बारे में बताया।
संस्थान के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एलपी सिंह ने भवन निर्माण सामग्रियां-प्राचीन काल से भविष्य तक विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त मुख्य सामग्रियों जैसे-ईंट, बालू, सीमेंट आदि के वैज्ञानिक संरचना और महत्व को समझाया। उन्होंने भविष्य में उपयोग किये जाने वाली संभावित उन्नत निर्माण सामग्रियों पर चल रहे अनुसंधान के विषय में भी जानकारी दी। संस्थान के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं जिज्ञासा कार्यक्रम समन्वयक डा. अतुल अग्रवाल ने बताया कि 28 फरवरी 1928 को भारतीय भौतिक विज्ञानी सीवी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज को प्रमाणित कर विश्व में आधुनिक युग के भारत के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को स्थापित किया गया था। इसी वैज्ञानिक ²ष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा विज्ञान संचार और लोकप्रियकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों को मान्यता देने के लिए सन 1987 से भारत में यह दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. अग्रवाल ने हमारे प्रेरणा स्त्रोत- नोबेल पुरस्कार विजेता सर सीवी रमन विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, मानूबास ग्रंट हरिद्वार के विद्यार्थी, संजय कुमार, गिरिराज सिंह त्यागी, त्रिभुवन कुमार सैनी, चंद्र कुमार पटेल आदि शिक्षक तथा संस्थान से डॉ. सुवीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, बी श्रीनिवास, अनिल कुमार, दिलशाद, पलक गोयल, अरशद आदि मौजूद रहे।

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