कूड़े का स्त्रोत से किया जाए वर्गीकरण

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हरिद्वार। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर दूधाधारी चैक स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने घरों से निकलने वाले कूड़े का स्रोत से ही वर्गीकरण (सोर्स सेगरिगेशन) पर जोर दिया। कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को फील्ड विजिट कर निकायों का अपशिष्ट प्रबंधन देखा जाएगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स एंड फीडबैक फाउंडेशन गुरुग्राम की ओर से तीन दिवसीय स्वच्छ भारत मिशन एक्सपोजर कार्यशाला एक होटल में आयोजित हुई। कार्यशाला की शुरुआत करते हुए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता के मुद्दे को उचित महत्व दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत सरकार ने मिशन जीरो वेस्ट भी अपनाया है। इसका उद्देश्य देश में उत्पन्न ठोस अपशिष्ट का प्रभावी प्रबंधन है। इसके तहत मुख्य जोर रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल पर दिया जाएगा। उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी निकायों के महापौर, पालिका अध्यक्ष और सभी अधिशासी अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा। कहा कि निकायों से रोजाना वृहद मात्रा में अपशिष्ट उत्पन्न होता है। उन्होंने स्रोत से ही इसके वर्गीकरण(जैविक- अजैविक) पर जोर दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष नगरीय पर्यावरण विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष प्रकाश हरबोला, निदेशक शहरी विकास विनोद सुमन, अपर नगर आयुक्त देहरादून रोहिताश शर्मा, लक्सर पालिका अध्यक्ष अंबरीश गर्ग, सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, विकास तिवारी, अनिरुद्ध भाटी, विदित शर्मा, रितेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।

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