बाल पालाश योजना से मिलेगी कुपोषण से मुक्ति

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रुड़की। नए साल में रुड़की ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों को बाल पालाश योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इसके तहत तीन से छह साल तक के बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार के रूप में सप्ताह में दो-दो दिन उबले हुए अंडे और केले दिए जाएंगे। इससे बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकेगा।
प्रदेश में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए बाल पालाशा योजना शुरू की गई है। रुड़की ब्लॉक में संचालित बाल विकास परियोजना ग्रामीण प्रथम, ग्रामीण द्वितीय और शहरी परियोजना में अभी इस योजना की शुरुआत नहीं हुई है। इन तीनों बाल विकास परियोजनाओं में नए साल की शुरुआत से योजना शुरू की जाएगी। रुड़की ब्लॉक में योजना का लाभ 803 आंगनबाड़ी केंद्रों के 9100 से अधिक नौनिहालों को मिलेगा। इसके तहत केंद्रों में आने वाले बच्चों को कुक्ड फूड के अलावा अतिरिक्त पोषाहार के रूप सप्ताह में दो दिन अंडे और दो दिन केले दिए जाएंगे। केले सोमवार और मंगलवार, वहीं अंडे बुधवार और शनिवार को दिए जाएंगे। बाल विकास परियोजना ग्रामीण द्वितीय के सीडीपीओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि जनवरी में बाल विकास परियोजना ग्रामीण द्वितीय में योजना शुरू कर दी जाएगी।

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