देहरादून। वायु प्रदूषण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए केंद्र सरकार ने दून को भी नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम) का हिस्सा बनाया है। इस प्रोग्राम के तहत दून में वर्ष 2024 तक वायु प्रदूषण में 30 फीसद तक की कमी लानी है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक्शन प्लान भी तैयार कर लिया गया है। चार तरह के लक्ष्य प्लान का हिस्सा हैं, जिसके तहत वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण की रोकथाम, कूड़ा जलाने पर पूरी तरह अंकुश लगाना, विभिन्न निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण पर नियंत्रण व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोडल अधिकारी (वायु प्रदूषण) अंकुर कंसल ने बताया कि वाहनों से निकलने वाले धुएं पर अंकुश लगाने के लिए कई तरह की व्यवस्था अमल में लाई जाएगी। सबसे पहले पीयूएस (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सिस्टम को वाहनों के रजिस्ट्रेशन के साथ ऑनलाइन जोड़ा जाएगा। इससे स्पष्ट हो पाएगा कि किन वाहनों के प्रदूषण की जांच लंबित चल रही है। ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सके। हर तीन माह में पीयूएस के डाटाबेस को अपडेट करने का काम भी किया जाएगा।
साथ ही वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए 15 साल की अवधि पूरी कर चुके वाहनों को बाहर करने, उनकी जगह ई-वाहनों को बढ़ावा देने, ई-रिक्शा की संख्या बढ़ाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। एक्शन प्लान को तैयार कर केंद्र को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने पर कार्य योजना के अनुरूप बजट भी प्राप्त होने लगेगा।











