एजेंसीं न्यूज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में कर्मचारियों तथा इंजीनियर्स के पीएफ घोटाले के विरोध में बिजली कर्मचारियों का दो दिनी प्रदर्शन जारी है। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर पर लखनऊ में यह लोग पावर कॉरपोरेशन के मुख्यालय शक्ति भवन प्रांगण तथा बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं तो हर जिले में बिजली कर्मी अपने हक की लड़ाई लडने को सड़कों पर हैं। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसकी हड़ताल को लेकर बेहद नाराज हैं। उन्होंने उपद्रव के मामले में इनके खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के पीएफ घोटाले को लेकर करीब 45 हजार से अधिक बिजलीकर्मी हड़ताल पर हैं। बिजली कर्मचारी आज से दो दिन के कार्य बहिष्कार पर हैं। बिजली कर्मी 2268 करोड़ रुपए के पीएफ घोटाले को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार इस मामले की सीबीआई से जांच कराए। इसके साथ ही इनकी मांग है कि सरकार लिखित में आश्वासन दे कि डूबे हुए रुपए सुरक्षित रहेंगे। इनकी इस लंबी हड़ताल से व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
प्रदेश में सभी मंडल वाराणसी के साथ ही मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद, लखनऊ, सहारनपुर के साथ जिलों में बिजली कर्मी हड़ताल पर हैं। कानपुर में पीएफ घोटाले से नाराज केस्को कर्मियों ने कार्यालय में ताला बंद कर दिया है। उनकी अफसरों से झड़प भी हुई। हाथरस में बिजली कर्मियों ने ओढ़पुरा बिजली घर पर प्रदर्शन किया। सोनभद्र में बिजली कमर्चारियों ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। यहां ओबरा बिजली परियोजना में धरना चल रहा है।











