नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के फैसले पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले को बड़ी बेंच को सौंप दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली 5 जजों की पीठ ने 3-2 की अनुपात से मामले को बड़ी बेंच को सौंपा। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ इसके पक्ष में नहीं थे। मामले को सात जजों की बड़ी बेंच को भेज दिया गया है।
गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि पूजा स्थलों में महिलाओं का प्रवेश केवल इस मंदिर तक ही सीमित नहीं है। इसमें मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश भी शामिल है।











