चमोली। जिले के देवाल क्षेत्र के घेस बलाण हिमनी क्षेत्र में लंबे समय से दूरसंचार सेवाओं की मांग हो रही है, लेकिन मोबाइल व दूरसंचार सेवाएं न होने से दुर्घटना की सूचना सवा घंटे बाद आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम व स्थानीय पुलिस व प्रशासन को मिल पाई। वह भी तब, जबकि घटना स्थल से एक वाहन को सूचना देने के लिए भेजा गया। दोपहर 11.45 पर दुर्घटना हुई और हादसे की सूचना सवा एक बजे तहसील प्रशासन के माध्यम से आपदा कंट्रोल रूम व पुलिस को मिल पाई।
चमोली के देवाल का घेस बलाण क्षेत्र दूरस्थ क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां पर सड़क सुविधा भी एक साल पूर्व ही उपलब्ध हो पाई। परंतु अभी भी बलाण सड़क मार्ग से दो किमी पैदल है। बताया गया कि दुर्घटना के बाद घटना स्थल से एक वाहन को सूचना देने के लिए रवाना किया गया। सवा एक बजे दुर्घटना की सूचना तहसील प्रशासन के साथ आपदा कंट्रोल रूम में पुलिस को मिल पाई।
तब जाकर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटना को लेकर मौके पर बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन 15 मीटर सड़क पर घिसटते हुए खाई में गिरा। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान का कहना है कि संभवतया ओवरलोडिंग के चलते वाहन में तकनीकी दिक्कत से हादसा हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से मोबाइल सेवा की ग्रामीणों को दरकार है। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में घेस बलाण भ्रमण के दौरान दूरसंचार सेवाएं शुरू करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री का वायदा भी धरातल पर नहीं उतरा। रेस्क्यू के दौरान तीन एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन घायलों को प्राइवेट वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा चुका था।
बीमारी से मरे पदम सिंह पटाकी के अंतिम संस्कार के लिए उनके गांव बलाण से एक वाहन से लकड़ियां भी भेजी गई थी, लेकिन जिसमें ग्रामीण थे वह वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लकड़ियां देवाल पहुंचने पर रिश्तेदारों ने कैल व पिंडर नदी के संगम पर अंतिम संस्कार किया गया।
चमोली जिले में वाहन चैकिंग के दावों के बाद भी ओवरलोडिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। देवाल के बलाण क्षेत्र में हुई मैक्स दुर्घटना में एक बार फिर ओवरलोडिंग दुर्घटना का कारण बनकर सामने आई है। वाहन में क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाई गई थी।
देवाल के बलाण क्षेत्र में हुई दुर्घटना में पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग की चेकिंग के दावों की पोल खोलकर रख दी है। मैक्स वाहन नौ सवारियों की क्षमता के लिए परिवहन विभाग से पास था, लेकिन इसमें 18 लोग सवार थे। वाहन के अंदर के सवारियां बैठाने के अलावा छत पर वाहन चालक बेखौफ सवारियां ढो रहे हैं। ओवरलोडिंग कर रहे वाहन चालकों को पुलिस और परिवहन विभाग का कोई खौफ नहीं है। बताया गया कि जिस प्रकार इस दुर्घटनाग्रस्त वाहन में ओवरलोडिंग थी इसे रोकने के लिए सवारियों ने भी किसी प्रकार का ऐतराज नहीं जताया। नतीजतन वाहन दुर्घटना में लोगों को अपनी जानें गंवानी पड़ी। वाहनों की चैकिंग मुख्य मार्गों तक ही सीमित है, जबकि सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग वाहनों का संचालन ग्रामीण संपर्क मागरें पर किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन व परिवहन विभाग मुख्य मार्गों पर ही चेकिंग की खानापूर्ति कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों, संपर्क मार्गों में चेकिंग कभी कभार ही होती है।