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एजेंसी न्यूज
महाराजगंज। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए पिछले 100 वर्षों से लड़ रहे हजारों वनटांगिया परिवारों की लड़ाई को आज मुकाम मिल गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 1915-16 से वन टांगिया परिवार आधारभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आजादी के बाद भी इनकी दशा को सुधारने के लिए किसी सरकार ने पहल नहीं की।
गरीबों, पिछड़ों व दलितों के नाम पर दुहाई देने वाली सपा-बसपा जैसी पार्टियों ने भी वनटांगिया परिवारों की उपेक्षा की, जिससे ये परिवार पिछड़ते चले गए। आज राजस्व गांव का दर्जा मिलने के साथ ही गोरखपुर और महराजगंज जिले के 22 वनटांगिया गांव विकास के पथ पर अग्रसर हैं। योजनाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ हो रहा है। गरीबों के हक पर डाका डालने वाले जेल भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री सोमवार को महराजगंज जिले के चंदन चाफी बरहवा में आयोजित राजस्व गांव के लिए पट्टा प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन गांव में बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थी। सड़क बनाने पर वन विभाग के लोगों द्वारा मुकदमा दर्ज करा दिया जाता था। विद्यालय खोलने पर भी लोग उत्पीड़न का शिकार होते थे, अब ऐसा नहीं होगा।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद गोरखपुर मंडल मुख्यालय पर आयोजित पहली बैठक में ही मैंने मुसहरों व वनटांगिया गांवों में सभी शासकीय सुविधाएं पहुंचाने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही सभी वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने का निर्देश भी दिया गया।अब इन गांवों में भी सामान्य गांवों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यहां विद्यालय खुलेंगे, आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास होगा। विद्युतीकरण के साथ सभी को पक्का मकान भी मिलेगा। पात्र व्यक्ति पेंशन योजना से लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, एक विकसित भारत की कल्पना की है। उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।

By Admin

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