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CM योगी का बड़ा ऐलान : भदोही अब कहलाएगा ‘संत रविदास नगर भदोही’, 1,340 करोड़ की परियोजनाओं की भी सौगात
भदोही पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के नए नाम की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले का नाम बदलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भदोही में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
भदोही, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान एक बार फिर बदल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को घोषणा की कि अब भदोही जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया। इस मौके पर उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

गुरु पूर्णिमा पर किया था नाम बदलने का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने घोषणा की थी कि कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध भदोही को भविष्य में सतगुरु रविदास जी महाराज के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपनी आध्यात्मिक भक्ति के जरिए समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

योगी ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाओं और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से जिले की पहचान को उनके नाम से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले 29 जुलाई को संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भी भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर करने की घोषणा की थी।

1,340 करोड़ की 112 परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं को जिले के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

सपा पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार तीर्थस्थलों के विकास, ऐतिहासिक धरोहरों के सुंदरीकरण और उनके संरक्षण पर धन खर्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले ऐसे कार्यों पर इसी तरह धन खर्च नहीं होता था और कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के नाम पर जमीन पर कब्जे के लिए धन का इस्तेमाल किया जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ त्योहारों और विकास का माहौल बनाया।

पांचवीं बार बदला भदोही का नाम
भदोही जिले के नाम का इतिहास भी राजनीतिक बदलावों के साथ जुड़ा रहा है। आधिकारिक विवरण के अनुसार, तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 30 जून 1994 को वाराणसी जिले से भदोही को अलग कर प्रदेश का 65वां जिला बनाया था। शुरुआत में इसका नाम भदोही रखा गया।

दिसंबर 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार ने इसका नाम बदलकर संत रविदास नगर कर दिया। नवंबर 1999 में भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता के कार्यकाल में दोनों नामों को जोड़ते हुए इसे ‘संत रविदास नगर-भदोही’ किया गया।

इसके बाद दिसंबर 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार ने जिले का नाम फिर से भदोही कर दिया। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम की घोषणा की है। ताजा रिपोर्टों में इसे जिले के गठन के बाद नाम में पांचवां बदलाव बताया गया है।

2027 चुनाव से पहले सियासी चर्चा
नाम परिवर्तन की घोषणा ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक विश्लेषणों में इसे दलित मतदाताओं के बीच सरकार की पहुंच से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, सरकार की ओर से नाम परिवर्तन का प्रमुख आधार संत रविदास के सम्मान और उनकी शिक्षाओं को बताया गया है।

By Admin