दुबई. दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में अब सुधार हो रहा है। अबूधाबी के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि स्मित मच्छार अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं और उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। दूतावास ने कहा कि वह पायलट के परिवार और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए हरसंभव मदद कर रहा है।
दुबई क्राउन प्रिंस ने मच्छार से की मुलाकात
कैप्टन स्मित मच्छार से मिलने शनिवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पायलट से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके साहस की सराहना की। मुलाकात के बाद शेख हमदान ने सोशल मीडिया पर कहा कि स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति चिंता की सर्वोच्च मिसाल पेश की है। क्राउन प्रिंस ने कहा कि यूएई के नेतृत्व की ओर से स्मित मच्छार को पूरा सम्मान और प्रशंसा दी जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि स्मित उनकी टीम, उनके देश की कहानी और यूएई के मूल्यों का हिस्सा हैं। उन्होंने यूएई को करुणा, शांति और जीवन की रक्षा करने वाला देश बताया। मुलाकात के दौरान शेख हमदान ने स्मित से बातचीत की और उन्हें गले भी लगाया।
कॉकपिट में सह-पायलट ने किया हमला
यह घटना बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान ओमान के नागरिक सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी के मुताबिक, सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स से स्मित पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की। हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू किया। इस दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा था, जिससे बड़ी दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया था।
34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आया विमान
रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था। आपात स्थिति के बीच विमान ने तेजी से नीचे उतरना शुरू किया और कुछ ही समय में 17 हजार फीट से अधिक नीचे आ गया। विमान से आपातकालीन संकेत भेजे गए। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद स्मित मच्छार को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। उन्हें शुरुआती इलाज सऊदी अरब के तबूक में मिला। इसके बाद बेहतर और आगे के इलाज के लिए उन्हें अबूधाबी स्थानांतरित किया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कहा कि कैप्टन स्मित अब अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं और उन्हें बेहतरीन चिकित्सा देखभाल मिल रही है। दूतावास ने स्मित के इलाज में सहयोग के लिए यूएई सरकार का भी धन्यवाद किया और कहा कि वह उनके परिवार तथा स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
पीएम मोदी से फोन पर हुई बातचीत
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। इस दौरान पायलट ने उन्हें बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह कॉकपिट का नियंत्रण वापस लेने और विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे। स्मित ने प्रधानमंत्री से कहा, ‘मैं अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा था, लेकिन मेरा संकल्प था कि मैं दूसरों को मरने नहीं दूंगा’। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान स्मित ने यह भी बताया कि मुश्किल हालात में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना आदर्श बताया और कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें उनसे बात करने का मौका मिलेगा।
इस्राइली पीएम ने बताया ‘सच्चा हीरो’
स्मित मच्छार की भूमिका की इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सराहना की है। उन्होंने भारतीय पायलट को “सच्चा हीरो” बताते हुए कहा कि उनकी कार्रवाई ने संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस घटना के बाद भारत के अलावा यूएई और अन्य देशों से भी स्मित के साहस की प्रशंसा हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारतीय पायलट के साहस की सराहना की है।











