कर्नाटक के चिकबल्लापुर में एक कांग्रेस विधायक पर जूता फेंकने की घटना हुई है। इस मामले में कांग्रेस विधायक के समर्थकों ने कार्रवाई की मांग की है। कर्नाटक के चिकबल्लापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर पर जूता फेंका गया है। ये घटना उस वक्त हुई, जब विधायक वाहन से सड़क पर थे और उनके आस-पास उनके समर्थकों का हुजूम था।कांग्रेस विधायक पर 2 लोगों ने जूता चलाया है। इस मामले का वीडियो भी सामने आ गया है। इसमें दोनों शख्स जूता फेंकते हुए दिख रहे हैं। इस घटना से गुस्साए प्रदीप ईश्वर के समर्थकों ने जमकर हंगामा काटा है और चिकबल्लापुर जिला मजिस्ट्रेट के आवास के सामने धरना दिया ह। प्रदीप ईश्वर के समर्थकों और कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और विधायक का अपमान करने और जूता फेंकने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। इस मामले से जुड़ी याचिका कार्यकर्ताओं ने चिकबल्लापुर एसपी कुशल चौकसे को सौंपी है।देश में पहले भी कई मौकों पर बड़े नेताओं पर हमले हुए हैं। कुछ हमले अपमानित करने की मंशा से किए गए और कुछ मारपीट के उद्देश्य से हुए। साल 2016 में यूपी के सीतापुर में रोड शो के दौरान राहुल गांधी को निशाना बनाकर जूता फेंका गया था। हालांकि ये जूता उन्हें नहीं लगा था लेकिन उनके साथ खड़े एक शख्स को लगा था।जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन CM उमर अब्दुल्ला पर भी जूता फेंकने की एक घटना साल 2010 में हुई थी। इस घटना को अंजाम एक पुलिसकर्मी ने दिया था। मनमोहन सिंह (तत्कालीन प्रधानमंत्री) पर अहमदाबाद में चुनाव रैली के दौरान जूता फेंका गया था। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर भी कई बार अपमानित करने की मंशा से हमले हुए। अप्रैल 2016 में दिल्ली सचिवालय में ऑड-ईवन फॉर्मूला की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति (AAP सेना के सदस्य) ने जूता फेंका था। जनवरी 2017 में हरियाणा के रोहतक में रैली के दौरान एक युवक ने जूता फेंका और 2011 में लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान चप्पल फेंकी गई। हालांकि तब वह सामाजिक कार्यकर्ता थे।इस तरह की तमाम घटनाओं से ये चीज भी सामने आ चुकी है कि कई मौकों पर लोग खुद को हाईलाइट करने के लिए नेताओं पर हमला करते हैं। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस विधायक पर हमला क्यों किया गया। ये जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।











