राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण को लेकर विवाद खड़ा करने का प्रयास करने वालों ने जानबूझकर उनके पूरे भाषण के संदर्भ को नजरअंदाज कर दिया

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सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के माध्यम से 28 जुलाई 2025 को पार्लियामेंट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से दिए गए संबोधन को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इन सोशल मीडिया पोस्ट्स में राजनाथ सिंह के संबोधन के एक भाग को संदर्भ से अलग कर एक झूठा दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कोई भी भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से तथ्यहीन और भ्रामक है।केंद्र सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण को लेकर विवाद खड़ा करने का प्रयास करने वालों ने जानबूझकर उनके पूरे भाषण के संदर्भ को नजरअंदाज कर दिया। रक्षा मंत्री के भाषण के वक्त सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ वर्गों में यह झूठा नैरेटिव तेजी से फैलाया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे। सरकार के मुताबिक, यह दावा पूरी तरह गलत था और ऑपरेशन की कामयाबी को कमतर दिखाने व जनता का मनोबल गिराने के मकसद से इसे बढ़ावा दिया जा रहा था।बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्टेटमेंट इसी भ्रामक और झूठे प्रचार का जवाब था। इसलिए उनकी टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि उसको अलग कर उसका गलत अर्थ निकाला जाना चाहिए।केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि पार्लियामेंट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पूरा भाषण ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी का विस्तृत और तथ्यात्मक विवरण था। इस ऑपरेशन के दौरान Indian Armed Forces ने दृढ़ संकल्प, सटीकता और उच्च सैन्य क्षमता दिखाई थी। सरकार के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकवादी और पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे, जबकि पाकिस्तान के कई एयरबेस और LoC के पास मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी भारी-भरकम नुकसान पहुंचाया गया।
स्टेटमेंट में कहा गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन भारतीय सेना की बहादुरी, क्षमता और पेशेवर दक्षता के प्रति सम्मान देने वाला था। यह भारत के खिलाफ साजिश करने वालों के लिए भी साफ संदेश था।केंद्र सरकार ने दोहराया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारत सरकार देश की रक्षा करने वाले हर सैनिक के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता रखते हैं। खासतौर से उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को सदा गर्व, गरिमा और पूरे सम्मान के साथ याद रखा जाएगा, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर की। सरकार ने कहा कि शहीद सैनिकों के सम्मान में उनके नाम National War Memorial की दीवारों पर अंकित किए गए हैं। इसके अलावा, उनके परिवार वालों और आश्रितों को एजुकेशन, हेल्थ और अन्य सुविधाओं में जरूरी रियायतें और मदद उपलब्ध कराई जा रही हैं।