उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी संगठन की नई टीम तैयार

18
Share

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी संगठन की नई टीम तैयार कर ली गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की नई टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्री बनाए गए हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई टीम तैयार हो गई है। इस टीम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और पूजा पाल समेत 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्री भी बनाए गए हैं। पूजा पाल यूपी बीजेपी की उपाध्यक्ष बनाई गईं हैं। वहीं, नवाब सिंह नागर पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष बने हैं। आपको बता दें कि यूपी में अगले साल 2027 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में भाजपा की टीम बनाने में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है।किस समाज से कितने लोगों को जगह?गुरुवार को 64 लोगों की लिस्ट जारी हुई है। टीम में सबसे ज्यादा ओबीसी समाज के लोग है। आज जारी की गई लिस्ट में 24 ओबीसी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को मिलाकर यूपी में बीजेपी संगठन में 25 ओबीसी हो गए हैं। दूसरे नम्बर पर ब्राह्मण सदस्य है। हाल के दिनों में कई मुद्दों को लेकर ब्राह्मण समाज बीजेपी से नाराज दिखा था। नई टीम में 13 ब्राह्मणों को जगह मिली है। प्रदेश की टीम में आठ दलित हैं और 13 महिलाएं है। यूपी बीजेपी की नई टीम में 46 लोगो को पहली बार मौका मिला है। वहीं, 18 पुराने लोग हैं। उपाध्यक्ष बनाई गई प्रियंका रावत और महामंत्री बनाये गए उपेंद्र रावत पूर्व सांसद रहे हैं। सुरेश राणा प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं।सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर निशाना
इधर, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज संत कबीर नगर की जनसभा में लोगों को इमरजेंसी की याद दिलाई। सीएम योगी ने कहा कि इमरजेंसी भारत के इतिहास का काला दिन है क्योंकि कांग्रेस शासन में इमरजेंसी लगाकर लोगों के अधिकार कुचल दिए गए थे। सीएम योगी ने इस दौरान राहुल-अखिलेश पर अटैक करते हुए कहा कि जो लोग आज संविधान की कॉपी लहराते घूमते हैं उन्हें तानाशाही का वो दौर याद कर लेना चाहिए।सीएम योगी ने कांग्रेस-सपा पर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम करने का आरोप लगाया है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा देश से झूठे वादे करती हैं। कांग्रेस-सपा लोकसभा चुनाव में संविधान की प्रति लेकर घूमती थी। कांग्रेस ने इमरजेंसी में बाबासाहेब के संविधान का अपमान किया। तानाशाही का विरोध करने पर लोगों को जेल में ठूंसा गया था।