Maharashtra: मानहानि मामले में एनआरआई डॉक्टर-यूट्यूबर गिरफ्तार, ठाणे में कंटेनर से कच्चा ग्लिसरीन लीक

75
Share

मुंबई. लंदन में रहने वाले डॉक्टर और चर्चित यूट्यूबर संग्राम पाटिल को शनिवार सुबह मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एक भाजपा पदाधिकारी द्वारा दायर मानहानि मामले में यूट्यूबर को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उनसे घंटों पूछताछ की और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देने के बाद उन्हें जाने दिया।
पुलिस ने बताया, ‘डॉ. पाटिल को लंदन से आने पर हिरासत में लिया गया। उनसे और उनकी पत्नी से पूछताछ की गई और शुरुआती जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।’ यह कार्रवाई भाजपा मीडिया सेल के पदाधिकारी निखिल भामरे की पिछले महीने दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पाटिल ने सत्ताधारी पार्टी के बारे में गलत जानकारी फैलाई और उसके नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पाटिल महाराष्ट्र में पले-बढ़े, लेकिन अब ब्रिटिश नागरिक हैं।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रविवार देर रात एक कंटेनर ट्रक से कच्चा ग्लिसरीन लीक होने के कारण व्यस्त घोड़बंदर रोड पर यातायात करीब ढाई घंटे तक प्रभावित रहा। यह घटना गायमुख घाट इलाके में हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ। रात करीब 12:42 बजे स्थानीय आपदा प्रबंधन सेल को घटना की सूचना मिली।
जानकारी के अनुसार, निजी कंपनी का कंटेनर ट्रक अंबरनाथ से गुजरात जा रहा था और उसमें करीब 25 टन कच्चा ग्लिसरीन भरा हुआ था। अचानक ट्रक से तरल पदार्थ सड़क पर बहने लगा, जिससे फिसलन का खतरा पैदा हो गया। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के लिहाज से सड़क पर मिट्टी डाली गई और बाद में रिसाव को बंद किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। अधिकारियों ने बताया कि कच्चा ग्लिसरीन न तो ज्वलनशील है और न ही खतरनाक, इसलिए इससे तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं था। इसका उपयोग साबुन, पशु आहार और कई उद्योगों में किया जाता है।
ठाणे: HR मैनेजर ऑनलाइन निवेश में ठगी का शिकार, 36 लाख रुपये गंवाए
एक एचआर मैनेजर ऑनलाइन निवेश के झांसे में फंसकर 36.74 लाख रुपये से अधिक की ठगी का शिकार हो गया। यह जानकारी नवी मुंबई पुलिस ने रविवार को दी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से एक महिला ने संपर्क किया और दावा किया कि वह SEBI-रजिस्टर्ड कंपनी की प्रतिनिधि है। महिला ने उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और उच्च लाभ की गारंटी देकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
नेरुल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ब्रह्मानंद नैकवाड़ी ने बताया पीड़ित ने आरोपी द्वारा भेजा गया लिंक डाउनलोड किया। शुरुआत में उसे 50,000 रुपये का लाभ दिखाई दिया। इसके बाद उसने अगस्त से सितंबर 2025 के बीच कुल 36.74 लाख रुपये का निवेश किया। लेकिन जब वह अपने कथित लाभ निकालने में असफल रहा, तब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धोखाधड़ी व विश्वासघात के आरोप में मामला दर्ज किया है।