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राहुल गांधी के बाद अब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को मिला नोटिस, चुनाव आयोग ने इस मामले को लेकर मांगा जवाब
चुनाव आयोग ने कहा कि भाजपा ने 27 नवंबर को और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने 25 नवंबर को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि कर्नाटक सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के विज्ञापन प्रकाशित किए हैं।
तेलंगाना में मतदान से पहले केंद्रीय चुनाव आयोग ने कर्नाटक सरकार को नोटिस भेजा है। निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक सरकार को तेलंगाना में विज्ञापन जारी करने के लिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाया है। ईसीआई ने 28 नवंबर शाम 5 बजे तक स्पष्टीकरण भी मांगा है। चुनाव आयोग का कहना है, “तेलंगाना राज्य में कर्नाटक सरकार द्वारा ऐसे किसी भी विज्ञापन का प्रकाशन तत्काल प्रभाव से तब तक रोक दिया जाएगा जब तक कि सरकार एमसीसी के निर्देशों के अनुसार आयोग से आवश्यक मंजूरी नहीं ले लेती।”
आयोग ने नोटिस में कहा, “केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को उजागर करने वाले कुछ विज्ञापन कुछ गैर-चुनाव वाले राज्य सरकारों द्वारा उन राज्यों के समाचार पत्रों के संस्करणों में प्रकाशित किए जा रहे हैं जहां चुनाव हो रहे हैं। आयोग इस पर विचार करता है यह आदर्श आचार संहिता की भावना का उल्लंघन है।ऐसे प्रचारों को आयोग से लेनी होगी मंजूरी
इसके साथ ही आयोग ने कहा कि भविष्य में, आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान गैर-चुनाव वाले राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए ऐसे सभी विज्ञापनों को संस्करण वाले या प्रसार वाले समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए भेजे जाने से पहले मंजूरी के लिए आयोग को भेजा जाएगा। वहीं आयोग ने अपने स्वयं के रिकॉर्ड की जांच की है और पाया है कि उपर्युक्त निर्देश के तहत आयोग द्वारा न तो ऐसी मंजूरी दी गई थी और न ही कर्नाटक राज्य से ऐसा कोई आवेदन निर्णय के लिए लंबित पाया गया है। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। और कर्नाटक सरकार से 28 नवंबर शाम 5 बजे तक अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।

By Admin

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