गाजा के अस्पताल पर हमले से पीएम मोदी दुखी, जताया शोक

165
Share

गाजा के अस्पताल पर हमले से पीएम मोदी दुखी, जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा के अस्पताल पर हुए रॉकेट हमले में करीब 500 लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
भारतीय प्रधानमंत्री ने इजराइल के अस्पताल में हुए हमले पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने शोक जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्वीटर) पर कहा कि ‘हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।’ पीएम मोदी ने लिखा-‘गाजा के अल अहली अस्पताल में लोगों बड़े पैमाने पर हुई मौत से गहरा सदमा लगा। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हैं। जो संघर्ष चल रहा है उसमें नागरिकों का हताहत होना गंभीर और निरंतर चिंता का विषय है। इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
मंगलवार शाम गाजा सिटी के अस्पताल पर एक रॉकेट गिरने के बाद हुई तबाही में करीब 500 लोगों की मौत हो गई। हमास ने आरोप लगाया कि इजरायल ने यह बड़ा हमला किया है। जबकि इजरायल का कहना है कि इस्लामिक जिहाद की तरफ से इजरायल की ओर दागे जा रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर आ गिरे। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन हमास के साथ युद्ध तथा इसे व्यापक संघर्ष में तब्दील होने से रोकने के लिए कूटनीतिक पहल के तहत आज इजरायल पहुंचे। गाजा पट्टी में एक अस्पताल में विस्फोट में सैकड़ों लोगों की मौत को लेकर समूचे पश्चिम एशिया में आक्रोश फैल गया है जिसके कारण इजरायल-हमास युद्ध की चुनौती और मुश्किल हो गई। बाइडेन अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जॉर्डन की भी यात्रा करने वाले थे लेकिन वाशिंगटन से रवाना होने से पहले अरब नेताओं के साथ उनकी बैठक रद्द हो गई जिससे संघर्ष के इस क्षण में अहम बातचीत के लिए नेताओं की आमने-सामने की बैठक का मौका नहीं मिल पाया। सात अक्टूबर को हमास के हमलों के जवाब में इजराइल गाजा पर संभावित जमीनी आक्रमण की तैयारी कर रहा है। इजरायल और हमास के बीच लड़ाई तब शुरू हुई जब गाजा पट्टी से सशस्त्र हमास आतंकवादियों ने सात अक्टूबर को जमीन, हवा और समुद्र से इजराइल पर अचानक हमला किया। इस संघर्ष के बाद से, लगभग 2,778 फलस्तीनी मारे गए हैं। मीडिया में आई खबरों में इजरायल के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा गया कि इज़रायल में कम से कम 1,400 इज़राइली और विदेशी नागरिक मारे गए हैं।

LEAVE A REPLY