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अशरफ की पत्नी जैनब को बचाने के लिए उसके मायके वाले आए सामने, बड़ी बहन ने दिया ये बयान
पुलिस का लगातार शिकंजा कसने के कारण अतीक के परिवार की फरार महिलाओं के पास पैसों की कमी हो गई है जिसकी वजह से जैनब और शाइस्ता कुछ बची-खुची प्रॉपर्टी औने पौने दामों पर बेचने की फिराक में है।
माफिया अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की पत्नी जैनब को और उसके भाई सद्दाम को बचाने के लिए जैनब के हटुवा गांव में उसके मायके के लोग अब सामने आए है। जैनब के समर्थन में आई एक दर्जन बुर्का नशीं रिश्तेदारों ने मीडिया को बुलाकर जैनब व सद्दाम के बारे में सफाई दी और कहा कि दोनों भाई-बहन बेगुनाह हैं। उनके ऊपर कभी कोई मामला भी दर्ज नहीं हुआ। पुलिस अक्सर गांव में दबिश देकर लोगों को परेशान करती हैऔर घर के एक लड़के को जेल भी भेज दिया है। मायके वालों ने कुछ पत्रकारों को जैनब के गांव हटवा बुलाकर ये सारी बाते कही। हालांकि सद्दाम अशरफ की बरेली जेल में शूटरों से मिलवाने और जैनब व सद्दाम की लोकेशन पर उन लोगों ने सिर्फ यही कहा कि उन्हें कुछ नही पता। जैनब के रिश्तेदारों ने भी कहा कि लखनऊ में जैनब वकील विजय मिश्रा से नहीं मिली थी, ये कहानी गढ़ी गई है। लेकिन उनके पास इसका जवाब नहीं था कि ये बात उनको किसने बताई।
परिवारवालों का कहना है कि जैनब और सद्दाम कहां है यह तो हम लोग को भी नहीं पता। उन लोगों ने यह भी कहा कि 3 दिन पहले जैनब की बड़ी बहन के बेटे को पुलिस हटवा से उठा ले गई लेकिन, पुलिस ने परिजनों को कुछ नहीं बताया।
पुलिस के पहुंचने से पहले गायब हो जाती है जैनब
बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अशरफ की पत्नी जैनब को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी जिसके बाद उसे छोड़ दिया था। छोड़े जाने के बाद जैनब लगातार आरोपियों की मदद करती रही। पुलिस ने जब शिकंजा कसा तो वो फरार हो गई। जैनब का भाई सद्दाम बरेली जेल में सेटिंग से लोगों की अशरफ से मुलाकात कराता था। आरोप है कि गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान, उस्मान, अरबाज़ से भी अशरफ की मुलाकात में उसका अहम रोल था। बरेली पुलिस ने सद्दाम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था और उस पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है। उसके बाद से दोनों भाई-बहन पुलिस की पकड़ से दूर है। अक्सर जैनब की लोकेशन हटवा गांव के पास पुलिस को मिलती है लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वो गायब हो जाती है।
अतीक के परिवार की महिलाओं के पास पैसों की कमी
वहीं, पुलिस का लगातार शिकंजा कसने के कारण अतीक के परिवार की फरार महिलाओं के पास पैसों की कमी हो गई है जिसकी वजह से जैनब और शाइस्ता कुछ बची-खुची प्रॉपर्टी औने पौने दामों पर बेचने की फिराक में है। लखनऊ में वकील विजय मिश्रा ने इसकी सेटिंग की थी लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और विजय गिरफ्तार हो गया। जिस कॉन्फिडेंस से जैनब के परिवार के लोग मीडिया को बता रहे कि जैनब विजय मिश्रा के साथ नहीं थी उससे साफ है कि जैनब अपने मायके वालों के टच में ज़रूर है। उन्हें जैनब और सद्दाम की गतिविधियों की पूरी जानकारी है। इस मामले डीसीपी सिटी दीपक भूकर का कहना है कि पुलिस ने जो भी कार्रवाई की है वो मुकदमों के आधार और सबूतों पर की है। कुछ इनपुट मिलने पर हटवा गांव में पुलिस चेकिंग करने जाती है जो रूटीन वर्क है।
बयान देने वाली महिलाओं से भी पुलिस पूछताछ करेगी। पुलिस को शक है कि जैनब के कहने पर ही उसके घर वालों ने मीडिया के कुछ लोगों को बुलाकर बयान दिया है। ये लोग जैनब और सद्दाम के संपर्क में भी हो सकते हैं।

By Admin

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