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स्पीकर के आसन के नजदीक सेंगोल को स्थापित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महान चोल साम्राज्य में कर्तव्यपथ, सेवापथ और राष्ट्रपथ का प्रतीक माना जाता था। यह हमारा सौभाग्य है कि हम पवित्र सेंगोल की गरिमा लौटा सके हैं।

सेंगोल को दंडवत होकर प्रणाम करते पीएम मोदी
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को देश को नया संसद भवन समर्पित कर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने हवन-पूजन करके कार्यक्रम की शुरुआत की और उन्होंने लोकसभा में स्पीकर के आसन के नजदीक सेंगोल को स्थापित किया। इससे पहले उन्होंने सेंगोल को दंडवत प्रणाम किया। इस तस्वीर के सामने आने के बाद राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम की यादें ताजा हो गेन जब पीएम मोदी इसी तरह से अस्थाई राम मंदिर के आगे दंडवत हो गए थे।

रामलला के समक्ष दंडवत हुए पीएम मोदी
स्पीकर के आसन के नजदीक सेंगोल को स्थापित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महान चोल साम्राज्य में कर्तव्यपथ, सेवापथ और राष्ट्रपथ का प्रतीक माना जाता था। यह हमारा सौभाग्य है कि हम पवित्र सेंगोल की गरिमा लौटा सके हैं। मुझे विश्वास है कि इससे हम सभी को कर्तव्यपथ, सेवापथ और राष्ट्रपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि हर देश की विकास यात्रा में कुछ तारीखें इतिहास का अमिट हस्ताक्षर बन जाती हैं। अमृतकाल में 28 मई, 2023 का आज का यह दिन ऐसा ही एक शुभ अवसर है, जब भारत के लोगों ने अपने लोकतंत्र को संसद के नए भवन का उपहार दिया है।

यह देश को नई दिशा देने का अमृतकाल- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि संसद की नई इमारत इस बात का जीवंत प्रतीक है कि 21वीं सदी का नया भारत गुलामी की सोच को पीछे छोड़, अपने प्राचीन गौरव और वैभव को तेजी से हासिल करने में जुटा है। उन्होंने कहा कि आजादी का ये अमृतकाल विरासत को सहेजते हुए, विकास को नए आयाम गढ़ने का अमृतकाल है। देश को नई दिशा देने का अमृतकाल है। अनंत सपनों को, असंख्य आकांक्षाओं को पूरा करने का अमृतकाल है।

By Admin

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