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गैरसैंण(चमोली)। विधानसभा के गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र का पहला चरण शनिवार को संपन्न हुआ। सत्र जहां एक ओर गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के सरकार के एलान के चलते ऐतिहासिक रहा, वहीं विधायी कामकाज के लिहाज से भी काफी समृद्ध रहा। पांच दिन में 22.36 घंटे सदन चला और इस दरम्यान राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के साथ ही वित्तीय वर्ष 2020-21 बजट पर सामान्य चर्चा हुई। नौ विधेयक इस दौरान पारित किए गए।
तीन मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरु हुए बजट सत्र में चार मार्च को राज्य का करीब 53 हजार करोड़ का बजट पेश हुआ। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो चुका है, जबकि बजट पर सामान्य चर्चा हो चुकी है। शनिवार दोपहर बाद सत्र 24 मार्च तक के लिए स्थगित हुआ और अब 25 मार्च से सत्र का अगला चरण शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट सत्र वैसे भी कामकाजी होता है और इस लिहाज से यह सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
सरकार की ओर से गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के एलान से तो यह ऐतिहासिक है। बजट के साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयक सत्र में पेश हुए। पक्ष-विपक्ष ने तमाम मसलों पर सार्थक बहस की। 18 वीं बार प्रश्नकाल में सभी प्रश्न उत्तरित हुए। पांच दिन में सत्र 22.36 घंटे चला। अलबत्ता, 25 मिनट का व्यवधान भी रहा। उन्होंने बताया कि अभी तक सत्र के लिए स्वीकृत 241 तारांकित प्रश्नों में से 46 और 362 अतारांकित प्रश्नों में से 70 उत्तरित हुए। इसके अलावा सात अल्पसूचित प्रश्नों में से दो के उत्तर मिले। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद सत्र के संचालन में सभी का सहयोग रहा।

By Admin

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