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एजेंसीं न्यूज
नई दिल्ली। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा के शीर्ष नेता पांच जनवरी से घर-घर जाकर लोगों को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के बारे में जागरुक करेंगे। यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा जिस दौरान पार्टी का तीन करोड़ परिवारों से संपर्क करने का इरादा है। भाजपा इस अभियान के जरिये कानून के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रचार को भी निशाने पर लेना चाहती है। भाजपा महासचिव अनिल जैन ने संवाददाताओं को बताया कि शाह जहां राष्ट्रीय राजधानी में होंगे, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा गाजियाबाद में रहेंगे। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह लखनऊ, नितिन गडकरी नागपुर और निर्मला सीतारमण जयपुर में पहले दिन अभियान का नेतृत्व करेंगे।
जैन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय मुसलमानों के लिये नागरिकता से जुड़ी किसी भी कवायद से चिंतित होने का कोई कारण नहीं है, चाहे वह राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) हो या एनआरसी। उन्होंने कहा कि भारत का एक मात्र धर्म उसका संविधान है। उन्होंने कहा कि पार्टी का घोषणा-पत्र रहे राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करने को लेकर जब भी कोई फैसला लिया जाएगा उस पर राष्ट्रव्यापी विमर्श होगा, लेकिन अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
मुसलमानों में चिंता को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर मैं पूरी जिम्मेदार के साथ कह सकता हूं कि किसी भी भारतीय मुसलमान के लिये कोई खतरा नहीं हो सकता चाहे जो भी व्यवस्था आए, वह चाहे एनपीआर हो या एनआरसी।” जैन ने कहा, “संविधान इन चिंताओं का ध्यान रखेगा। भारत का सिर्फ एक धर्म है, जो संविधान है।”उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक कारणों से अल्पसंख्यों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

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