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देहरादून-राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि समाज को निराश्रित बालिकाओं की सहायता व संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। सरकार व समाज को मिलकर बेसहारा बालिकाओं व महिलाओं के सशक्त अभिभावक की भूमिका निभानी होगी। राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने सोमवार को कनखल हरिद्वार में मातृआँचल कन्या विद्यापीठ संस्था के 18वें वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग किया। मातृआँचल कन्या विद्यापीठ संस्था, हरिद्वार में वर्तमान मंे 75 निराश्रित बालिकाएं शिक्षा व विभिन्न व्यवसायिक कौशल के प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
                     राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि संस्था द्वारा बेसहारा बालिकाओं व महिलाओं को शिक्षा, संस्कार व अपनत्व देना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य सच्चे अर्थों में राष्ट्रसेवा व पुण्य का कार्य है। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने लोगों से अपील की कि निराश्रित बच्चियों के संरक्षण व पालन पोषण में अपना अधिकतम योगदान व सहायता देने का प्रयास करें। बालिकाओं को सहायता के साथ ही स्नेह व अपनत्व का वातावरण दंे। उनकी प्रतिभाओं को अधिकाधिक प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही संस्थाओं द्वारा बालिकाओं को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए व्यवसायिक शिक्षा व विभिन्न कौशल विकास के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
                    राज्यपाल ने बालिकाओं से कहा कि वह पूरी लगन व परिश्रम से अपना अध्ययन करें व अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त करे। अच्छी शिक्षा ही बालिकाओं की उन्नति का मार्ग खोलेगी। बालिकाएं लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में आने वाली चुनौतियों का धैर्य व साहस के साथ सामना करे। महिलाएं आत्मविश्वास से भरपूर रहे व अपनी शक्ति को पहचाने। अपनी कार्यक्षमता, परिश्रम व बुद्धिमता पर विश्वास रखे।
                    इस अवसर पर मातृआँचल कन्या विद्यापीठ संस्था की बालिकाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। संस्था की बालिका कु0 निशा ने राज्यपाल को अपनी बनायी हुई पेंटिन्ग (चित्रकारी) भेंट की।
                     इस अवसर पर मातृआँचल कन्या विद्यापीठ संस्था की अध्यक्ष साध्वी कमलेश भारती, प्रबन्धक श्रीमती अर्चना जैन, ट्रस्टी श्रीमती ममता अग्रवाल, संरक्षक श्री जे0सी0जैन, उपाध्यक्ष श्री चम्पत राय व अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे।

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