मु0 रिज़वान
मुरादाबाद। ‘‘सौ बरस की जिन्दगी से अच्छे हैं प्यार के दो चार दिन’’। प्रेमियों के इजहार-ए-इश्क के सप्ताह यानि वैलेंटाइन वीक की शुरूआत गुरूवार से हो गयी। साल भर प्रेमी जोड़ों को इस सप्ताह का इन्तजार रहता है। हर दिन एक नया जोश एक नई उमंग प्रेमी जोड़ों को प्यार के विभिन्न रंगो से सराबोर करती है। इसका आगाज 7 फरवरी को रोज डे के साथ शुरू होता है और 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे यानि इजहार-ए-इश्क के दिन के साथ प्रेमियों का यह सप्ताह रूखसत हो जाता है। यूं तो हर दिन प्यार का दिन होता है मगर वैलेंटाइन वीक को युवा पूरे उत्साह के साथ मनाते है। भले ही पश्चिमी संस्कृति की देन है वैलेंटाइन वीक मगर भारतीय युुवाओं में इसको लेकर उत्साह हर साल बढ़ता ही जा रहा है।
गुरूवार 7 फरवरी को इस प्यार के सप्ताह की शुरूआत रोज डे के साथ हुई। प्रेमी युगल ने कहीं चोरी छिपे तो कहीं सबके सामने एक दूसरे को सुर्ख गुलाब देकर रोज डे की औपचारिकता निभाई। बाजारों में रोज डे पर गुलाब की जमकर बिक्री हुई तो वहीं बुके भी खूब बिके। गोल्डन और रेड रोज 150 रूपये तक में बिका। चैमुखा पुल, टाउनहाल, सिविल लाइंस इलाको में रोज डे पर प्रेेमी युगल हाथों में हाथ डाले घूमत हुए देखे गये।
हालांकि एक तरफ जहां प्यार के दीवाने इस पूरे सप्ताह को इश्कबाजी में बिताते हैं तो वहीं इसे पश्चिमी वाहियातपन बताने वाले कुछ समाज के ठेकेदार इसका विरोध करते है। 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन सबसे ज्यादा संवेदनशील स्थिति होती है। इस दिन पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ता है क्योकि अक्सर समाज के ठेकेदार होटल, रेस्टोरेंट व सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले प्रेमी जोड़ों पर हमला करते है। महानगर में हर साल इस तरह की वारदातें देखने को मिलती है। युवा जितना वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल उत्साहित होते हैं उतना ही इसके विरोधी जबरदस्त हंगामे करते है।











