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हुकूमत एक्सप्रेस
मुरादाबाद। इसे लुटेरो बदमाशों का दुस्साहस कहा जाये या फिर खाकी का कम होता दबदबा, जो अधिकारियों के गढ़ में 33 लाख की दिनदहाड़े लूट को अंजाम देते बदमाश जरा भी नहंी सोचते। पीलीकोठी चैराहा जहां हर समय यातायात पुलिस व सिविल पुलिस के होमगार्ड तैनात रहते हैं तो वहीं दूसरी ओर महिला थाने के पास रोजाना चेकिंग होती रहती है। इसके बावजूद दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाश 33 लाख की लूट को अंजाम दे डालते है। सनसनीखेज लूटकांड से इलाके में सनसनी फैल गयी। आईजी व एसएसपी समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशो की पहचान की जा रही है।
शनिवार दोपहर ढाई बजे के करीब सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पीलीकोठी चैराहे के पास एक्सिस बैंक से सिकरो ट्रांस इंडिया प्रा0लि0 कम्पनी के दो कर्मचारी बुद्धिविहार निवासी राहुल एवं जयंतीपुर का अजय बैंक से 33 लाख रूपये एक बैग में रखकर बाहर खड़ी एटीएम में कैश डालने वाली वैन में रखने के लिए ला रहे थे जहां मूूंढ़ापांडे के गणेशपुर का विजेन्द्र जो कि ड्राईवर है तथा गोविंद नगर निवासी गन मैन अशोक मौजूद थे तभी एक काले रंग की 220 सीसी पल्सर बाइक पर हेलमेट लगाये दो बदमाश पीलीकोठी की तरफ से आये और तमंचे के बल पर 33 लाख रूपयों से भरा बैग छीनकर सिविल लाइंस थाने की ओर भाग निकले। जब तक सुरक्षा गार्ड, चालक और दोनो कैश वेंडर युवक कुछ समझ पाते तब तक दोनो बाइक सवार बदमाश तेजी से फरार हो गये। वेंडरो ने बताया कि उन्होनें बदमाशों का पीछा भी किया लेकिन सीओ सिविल लाइंस कार्यालय के सामने से दोनो बदमाश नागफनी थाना क्षेत्र की तरफ भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही आईजी विनोद कुमार, एसएसपी जे. रवीन्द्र गौड़ तथा एसपी सिटी अमित मित्तल मय फोर्स के मौके पर पहुंचे तथा जांच में जुट गये। उधर शहर के विभिन्न चैराहों पर पुलिस द्वारा चेकिंग शुरू कर दी गयी। सिकरो ट्रांस इंडिया प्रा0लि0 के मालिक यतेन्द्र ने बताया कि उनका आॅफिस लाजपत नगर में है तथा उनके कर्मचारी बैंको से पैसा निकालकर एटीएम में डालने निकले थे तभी यह हादसा हुआ। फिलहाल सिविल लाइंस थाने में अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ तहरीर देते हुए लूट का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बता दें कि जिस जगह यह घटना हुई यहां से चंद कदम की दूरी पर महिला थाना, सीओ सिविल लाइंस का कार्यालय व थाना सिविल लाइंस है। दूसरी ओर पीलीकोठी चैराहे से चंद कदम की दूरी पर एसएसपी का कैम्प कार्यालय व आवास है और करीब में ही जिलाधिकारी का बंगला है। घटना स्थल से थोड़ी ही दूरी पर मण्डलायुक्त कार्यालय भी है। ऐसे में अधिकारियों के गढ़ में दिनदहाड़े 33 लाख की लूट शहर में पुलिस सक्रियता को साफ बयां कर रही है। रोजाना चैक चैराहों पर यातायात पुलिस व थानों की पुलिस दुपहिया वाहनों की चेकिंग में व्यस्त नजर आती है। इसके बावजूद बदमाशों का घटना को अंजाम देकर साफ बच निकलना सवाल खड़ा करता है कि आखिर पुलिस की वाहन चेकिंग का क्या फायदा?

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