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नयी दिल्ली 01 फरवरी (वार्ता) मोदी सरकार ने बजट में गरीबों, किसानों और छोटे तथा मध्यम उद्योगों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुये मध्यम वर्ग, विशेष रूप से वेतनभोगियों और निवेशकों को निराश कर उन पर कर का बोझ बढ़ा दिया।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में 2018-19 का आम बजट पेश किया।
इसमें आगामी खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने, उज्ज्वला योजना के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन का लक्ष्य बढ़ाकर आठ करोड़ करने तथा विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों (करीब 50 करोड़ लोगों) को प्रति परिवार पांच लाख रुपये सालाना चिकित्सा कवर देने की घोषणा की गयी है।

रेलवे में सुरक्षा को मजबूत करने और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बजट अावंटन पांच प्रतिशत बढ़ा कर एक लाख 48 हजार 528 करोड़ रुपए करने की घोषणा की है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आज आम बजट पेश करते हुए बताया कि 12 हजार नए वैगन खरीदे जा रहे हैं।
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए 31 60 कोच और 700 इंजन भी खरीदे जा रहे हैं।

बजट में पेट्रोल और डीजल पर मूल उत्पाद शुल्क में दो-दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गयी है, लेकिन उत्पाद शुल्क में उपकर का हिस्सा दो-दो रुपये बढ़ा देने से कुल उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा।
संसद में आज पेश बजट में कहा गया है कि खुले पेट्रोल पर मूल उत्पाद शुल्क 6.48 रुपये से घटाकर 4.48 रुपये और खुले डीजल पर 8.33 रुपये से घटाकर 6.33 रुपये प्रति लीटर किया जायेगा।
उत्पाद शुल्क के अंतर्गत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के नाम से लगने वाले सड़क उपकर का नाम बदलते हुये इसे छह रुपये से बढ़ाकर आठ रुपये कर दिया गया है।

सरकार ने आज वर्ष 2018-19 के दौरान 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यय होने का अनुमान जताते हुये कहा कि इस दौरान राजकोषीय घाटा छह लाख 24 हजार 276 करोड़ रुपये अर्थात् सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आम बजट पेश करते हुये कहा कि इस बजट में सरकार की कृषि, सामाजिक क्षेत्र, डिजिटल भुगतान, अवसंरचना तथा रोजगार सृजन में निवेश को पर्याप्त बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय सुदृढ़ीकरण के प्रति प्रतिबद्धता बनी हुयी है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मई 2014 में उस समय कार्यभार सम्भाला था जब राजकोषीय घाटा बहुत उच्च स्तर पर था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बार के बजट को किसानों,गरीबों और वंचित समाज और विकास के अनुकूल बताते हुए कहा है कि इससे भविष्य में भारत प्रगति की नयी ऊंचाइयों को छूएगा और लोगों के बेहतरी के लिए नयी दिशाएं तय करेगा।
श्री मोदी ने आज संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पेश आम बजट पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट में सरकार ने किसानों,दलितों और आदिवासियों से लेकर महिलाओं और व्यापारियाें के लिए भी विशेष घोषणाएं की हैं।
रोजगार को प्रोत्साहन देने तथा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए भी दूरगामी फैसले लिए हैं।

वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 2 लाख 95 हजार 511 करोड रूपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष के 2 लाख 74 हजार 114 करोड रूपये की तुलना में मात्र 7.8 प्रतिशत अधिक है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज लोकसभा में वित्त वर्ष 2018- 19 का बजट पेश करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित 2 लाख 95 हजार 511 करोड रूपये में से 1 लाख 95 हजार 947 करोड रूपये कुल राजस्व तथा 99 हजार 563.86 करोड रूपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किये गये हैं।
पूंजीगत व्यय की राशि से ही आधुनिकीकरण की योजनाओं को भी पूरा किया जायेगा।

 

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