Share

बंगाल. कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों ने जान गंवाई है। 25 लोग घायल भी हुए हैं। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भगदड़ की जांच के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति, पीएम मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हताहतों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं जताई हैं। हादसे से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें

सीएम शुभेंदु ने जारी किए पुलिस को सुरक्षा संबंधी निर्देश
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ”बीएनएस के प्रावधानों के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं। मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपे जा रहे हैं। भगदड़ में घायल हुए 25 लोगों में से दो फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”26 अक्तूबर को विजय सम्मिलनी कार्यक्रम के दौरान हम हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों को श्रद्धांजलि देंगे। इसी कार्यक्रम में घायलों के 25 परिजनों को भी 25-25 लाख रुपये के चेक सौंपे जाएंगे।” सीएम अधिकारी ने कहा, ”मैंने पुलिस को निर्देश दिया है कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था की जाए और स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।”

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “शुरुआती कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और आगे कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, हमारी पहली प्राथमिकता पोस्टमार्टम कराने और मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपने की थी। अब तक आठ से नौ शव परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।”

दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर टीएमसी (ममता गुट) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, ”मैंने बचपन से लेकर अब तक ऐसी घटना कभी नहीं देखी। यह कुप्रबंधन का नतीजा है। यहां पूरी तरह से कुप्रबंधन हुआ है। आपने देखा कि परिसर के अंदर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। पंडाल की संरचना इस तरह बनाई गई थी कि बाहर ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने की जगह ही नहीं थी। वहां एक ऊंचा गलियारा भी बनाया गया था। मुझे समझ नहीं आता कि पुलिस ने इसकी अनुमति क्यों दी। पूरी व्यवस्था भीड़ प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप नहीं थी। पुलिस क्या कर रही थी? वहां एक भी पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं था।”

चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान घायल हुए 25 लोगों में से 14 का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से तीन मरीजों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों में से एक की हालत एसिडोसिस के कारण अपेक्षाकृत गंभीर है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार, भीड़ में दबने के कारण मांसपेशियों को लंबे समय तक चोट पहुंचने से यह स्थिति पैदा हो सकती है।

चोरबागान भगदड़ पर कांग्रेस नेता सुमन रॉय चौधरी ने कहा, “सबसे पहले, 19 लोगों की मौत का आंकड़ा सरकार के मुताबिक है। हमारे और हमारे सूत्रों के अनुसार, इससे भी ज्यादा लोगों की मौत हुई है और घायलों की संख्या भी अधिक है। सरकार चलाना और पुलिस प्रशासन को नियंत्रित करना एक बात है, जबकि पुलिस प्रशासन को सही काम के लिए तैनात करना दूसरी बात है। बंगाल में सरकार पुलिस का इस्तेमाल विरोधियों को डराने के लिए करती है। बंगाल में इतना बड़ा त्योहार आयोजित हो रहा है, लेकिन पुलिस की सक्रियता कहां दिखाई दे रही है? पुलिस क्या कर रही है? एक बात यह भी है कि आयोजकों की ओर से निश्चित रूप से कुछ गलती हुई है। पुलिस को इस पूजा की पूरी व्यवस्था अपने नियंत्रण में ले लेनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस कहीं और व्यस्त है। पिछले 20 से 30 वर्षों में बंगाल की धरती पर इतना बड़ा हादसा कभी नहीं हुआ। यह बेहद दुखद है।”

By Admin