समुद्र में झुक गया नौ हजार टन तेल से लदा जहाज: 23 लोगों की जान पर बनी; तटरक्षक बल ने कैसे टाला बड़ा हादसा?

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नई दिल्ली। पारादीप के पास नौ हजार टन पाम ऑयल से भरा एमटी सीगल-9 मुश्किल में फंस गया था। इंजन खराब होने के बाद जहाज के बैलास्ट टैंक में पानी भरने लगा और वह एक तरफ झुक गया। भारतीय तटरक्षक बल ने पानी निकाला, खराब पाइपलाइनों को बंद किया और जहाज को स्थिर किया। बाद में टग डॉल्फिन उसे पारादीप के पास लंगर क्षेत्र तक ले गया।
ओडिशा के पारादीप के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बेलीज के झंडे वाला टैंकर एमटी सीगल-9 मुसीबत में फंस गया था। जहाज पर करीब नौ हजार टन पाम ऑयल लदा था। इसमें चालक दल के 23 सदस्य सवार थे। जहाज का मुख्य इंजन अचानक खराब हो गया। इसके बाद उसके बैलास्ट टैंक में पानी भरने लगा। इससे जहाज एक तरफ तेजी से झुक गया। उसके पलटने का खतरा बढ़ गया था।
जहाज ने कब मांगी मदद?
जहाज ने 27 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे मदद के लिए संदेश भेजा। उस समय एमटी सीगल 9 पारादीप से करीब 37 समुद्री मील दूर था। जहाज पारादीप के पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में था। सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने कार्रवाई शुरू की। तटरक्षक बल ने आईसीजीएस विश्वस्त को मौके पर भेजा।
जहाज में पानी भरने से क्या हुआ?
मुख्य परेशानी बैलास्ट टैंक में पानी भरने से हुई। पानी तेजी से अंदर जा रहा था। इससे जहाज का संतुलन बिगड़ गया। वह एक तरफ झुक गया। ऐसे में उसके पलटने का खतरा था। भारतीय तटरक्षक बल की विशेष टीम तुरंत जहाज पर पहुंची। टीम ने चुनौतीपूर्ण हालात में काम शुरू किया।
तटरक्षक बल ने जहाज को कैसे संभाला?
तटरक्षक बल की टीम ने खास पंपों की मदद से जहाज से पानी निकालना शुरू किया। इसके साथ ही पानी आने के रास्तों को बंद किया गया। इससे जहाज में पानी भरना रुका। जहाज को फिर से स्थिर करने में मदद मिली।
इस घटना के साथ समुद्री प्रदूषण का खतरा भी था। जहाज पर बड़ी मात्रा में पाम ऑयल था। इसलिए तटरक्षक बल ने प्रदूषण से निपटने की तैयारी भी की। एक प्रदूषण नियंत्रण पोत और एक अतिरिक्त अपतटीय गश्ती पोत को मौके पर भेजा गया। दोनों पोतों ने इलाके में निगरानी शुरू की।