पीएम मोदी के सेशेल्स दौरे पर दोनों देशों के बीच 19 समझौतों और पहलों की घोषणा की गई

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पीएम मोदी के सेशेल्स दौरे पर दोनों देशों के बीच 19 समझौतों और पहलों की घोषणा की गई है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर यह घोषणाएं की गई हैं। वहीं सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया।पीएम मोदी इन दिनों सेशेल्स के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने कई समारोहों में हिस्सा लिया। इस बीच पीएम मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 समझौतों और पहलों की घोषणा की। इससे रक्षा और समुद्री सुरक्षा से लेकर डिजिटल पेमेंट, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। इन समझौतों और पहलों से पता चलता है कि नई दिल्ली का हिंद महासागर में स्थित इस द्वीप देश के साथ सुरक्षा, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इन समझौतों में प्रत्यर्पण संधि, बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग का समझौता, सेशेल्स में UPI-आधारित डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का समझौता, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौता और सेशेल्स के नए नेशनल हॉस्पिटल के लिए शुरुआती तैयारियों का समझौता शामिल है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 1,250 करोड़ रुपये की अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट, जो भारतीय रुपये में दी जाएगी, सेशेल्स में प्राथमिकता वाले विकास प्रोजेक्ट्स में मदद करेगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत (fast patrol vessel) उपहार में देने, सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल क्लास की नावें सौंपने, सेशेल्स कोस्ट गार्ड के लिए PS जोरोएस्टर की मरम्मत पूरी करने और ग्लास कॉकपिट वाले डोर्नियर विमान को अपग्रेड करने की भी घोषणा की।कई विकास पहलों पर हुआ समझौता
विदेश मंत्रालय ने X पर कई पोस्ट में बताया कि अन्य विकास पहलों में छह एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट सौंपना, राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर एक यादगार लोगो लॉन्च करना और प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल शिलान्यास समारोह शामिल है। मिसरी ने बताया कि भारतीय पैरामेडिक्स भी सेशेल्स पहुंच गए हैं ताकि वहां के टेक्नीशियनों को ट्रेनिंग दी जा सके और एम्बुलेंस को देश के हेल्थकेयर सिस्टम में शामिल करने में मदद की जा सके आसानी से मिल सकेंगी भारतीय दवाएं
दोनों देशों ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इसका मकसद द्वीपों वाले इस देश में UPI-आधारित डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना और आर्थिक व तकनीकी सहयोग को और गहरा करना है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि ‘जन औषधि योजना’ के तहत HLL लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुए समझौते का मकसद अच्छी क्वालिटी वाली और सस्ती भारतीय दवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है। साथ ही, एक और समझौता ज्ञापन (MoU) में नए सेशेल्स नेशनल हॉस्पिटल के लिए शुरुआती तैयारियों का प्रावधान किया गया है।कृषि, शिक्षा और नाविकों की ट्रेनिंग में सहायता करेगा भारत
विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि दोनों पक्षों ने कई और समझौतों को भी अंतिम रूप दिया। इनमें सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और सेशेल्स के विदेश और डायस्पोरा मंत्रालय के बीच डिप्लोमैटिक ट्रेनिंग; कृषि अनुसंधान और शिक्षा; सेशेल्स के झंडे वाले जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन को मान्यता देना; और बाहरी अंतरिक्ष की खोज व शांतिपूर्ण इस्तेमाल में सहयोग शामिल है। इसके अलावा, मिसरी ने बताया कि राष्ट्रपति हर्मिनी ने एक प्रस्ताव रखा था जिसमें सेशेल्स में साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सेंटर बनाने और ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर’ उपलब्ध कराने के लिए भारत से मदद मांगी गई थी।मिसिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रस्तावों का स्वागत किया और संकेत दिया कि भारत “बहुत सकारात्मक सोच के साथ” इन पर विचार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष इस बारे में आगे और बातचीत करेंगे। ये नतीजे प्रधानमंत्री की सेशेल्स की तीन दिन की राजकीय यात्रा के दौरान मोदी और हर्मिनी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद घोषित किए गए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है।