उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में नशे के सौदागरों और पुलिस के बीच एक ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला

16
Share

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में नशे के सौदागरों और पुलिस के बीच एक ऐसा हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए तस्कर कभी तेज रफ्तार से कार दौड़ाते रहे, कभी पुलिस वाहनों को टक्कर मारते रहे। जब लगा कि बचना मुश्किल है तो पीछा कर रही पुलिस टीम को गुमराह करने के लिए रास्ते भर नोटों की गड्डियां तक उछाल दीं। लेकिन पुलिस भी पीछे हटने वाली नहीं थी। रात के अंधेरे में करीब दो घंटे तक चले रोमांचक पीछा, घेराबंदी और मुठभेड़ के बाद एक तस्कर को गोली लगने पर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। खास बात यह रही कि पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा खुद मौके पर मौजूद रहे और अपनी टीम के साथ मोर्चा संभालते नजर आए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 58 लाख 75 हजार रुपये मूल्य की अफीम और डोडा बरामद किया है।जिले में अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चोपन पुलिस, रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला। इसके बाद शुरू हुआ कई किलोमीटर लंबा पीछा, जिसने पूरे घटनाक्रम को किसी फिल्मी कहानी जैसा बना दिया।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन देर रात करीब 2 बजे शुरू हुआ और लगभग 4 बजे तक लगातार चलता रहा। रात के अंधेरे, पहाड़ी रास्तों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिस टीम लगातार तस्करों के पीछे लगी रही। भाग रहे तस्कर लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते रहे। कभी उन्होंने पुलिस वाहनों को टक्कर मारी तो कभी पीछा कर रही टीम का ध्यान भटकाने के लिए रास्ते में नोटों की गड्डियां फेंकनी शुरू कर दीं। तस्करों को उम्मीद थी कि पुलिस नोट बटोरने में उलझ जाएगी और उन्हें भागने का मौका मिल जाएगा, लेकिन पुलिस टीम का पूरा फोकस अपराधियों को पकड़ने पर था। नतीजा यह हुआ कि पीछा लगातार जारी रहा। इस दौरान सलखन क्षेत्र में एसओजी का वाहन खराब हो गया। ऐसे समय में स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार मोदनवाल ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय देते हुए अपनी निजी स्विफ्ट डिजायर कार तत्काल पुलिस टीम को उपलब्ध करा दी।
पुलिस ने उसी वाहन से पीछा जारी रखा। तस्करों ने पुलिस का रास्ता रोकने और पीछा छुड़ाने के लिए प्रदीप मोदनवाल की कार में भी टक्कर मार दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी। लगातार पीछा करते हुए पुलिस टीम ने विरंजुआ क्षेत्र में तस्करों की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में आत्मरक्षा के तहत पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस दौरान एक गोली पंजाब के लुधियाना निवासी 27 वर्षीय प्रिंस के पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और पहाड़ी क्षेत्र का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने न सिर्फ अभियान की निगरानी की बल्कि अपनी टीम के साथ अग्रिम मोर्चे पर डटकर कार्रवाई का नेतृत्व किया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से पुलिस टीम का मनोबल भी ऊंचा बना रहा और आखिरकार अभियान सफल रहा।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से तीन किलोग्राम अफीम, 225 किलोग्राम डोडा, लगभग दस लाख रुपये कीमत की होंडा सिटी कार, एक अवैध तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत करीब 58 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह झारखंड के डाल्टनगंज क्षेत्र से मादक पदार्थ लाकर विभिन्न राज्यों में तस्करी करने का काम करता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार मोदनवाल की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने उन्हें 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि स्थानीय नागरिक के इस साहसिक सहयोग से ही अभियान को निर्णायक सफलता मिली।