ओडिशा के बौद्ध जिले में एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग करीब दो घंटे तक एक विषैले सांप के बंधन में फंसे रहे। मामला बौद्ध जिले के
हरभंगा ब्लॉक के आडेणीगढ़ गांव का है। यहां रहने वाले कृष्ण चंद्र साहू लकवा ग्रस्त हैं और उनके शरीर का एक हिस्सा ठीक से काम नहीं करता। जानकारी के अनुसार, बीती देर रात कृष्ण चंद्र साहू अपने घर में सो रहे थे। उस समय कमरे की खिड़की खुली हुई थी। इसी दौरान एक विषैला सांप खिड़की के रास्ते घर के अंदर घुस आया।सांप सीधे उस जगह पहुंच गया, जहां कृष्ण चंद्र साहू सो रहे थे। कुछ ही देर में सांप उनके शरीर पर चढ़ गया। जब कृष्ण को अपने ऊपर सांप होने का एहसास हुआ तो उनकी हालत खराब हो गई, लेकिन लकवा ग्रस्त होने के कारण वह न तो तुरंत उठ सके और न ही किसी को आवाज देकर मदद के लिए बुला सके। शरीर का एक हिस्सा काम नहीं करने के कारण वह पूरी तरह असहाय हो गए। कुछ समय बाद उन्होंने खुद को बचाने के लिए उठने की कोशिश की। लेकिन तब तक स्थिति और भी खतरनाक हो चुकी थी। सांप उनके हाथ के चारों ओर लिपट चुका था और पास रखी एक कुर्सी के साथ उनके हाथ को कसकर जकड़ लिया था। काफी देर बाद जब उनके परिजनों ने उनकी आवाज और बेचैनी महसूस की तो वे कमरे में पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर परिवार के लोग भी घबरा गए। उन्होंने देखा कि एक विषैला सांप कृष्ण चंद्र साहू के हाथ और कुर्सी के चारों ओर लिपटा हुआ है और बुजुर्ग लगभग बंधक जैसी स्थिति में फंसे हुए हैं।परिवार के लोगों ने बेहद सावधानी के साथ कृष्ण को बचाने की कोशिश शुरू की। काफी मशक्कत और धैर्य के बाद करीब चार घंटे तक चले प्रयासों के जरिए आखिरकार सांप के चंगुल से कृष्ण चंद्र साहू को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान सांप ने उन्हें नहीं काटा और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इसके बाद सांप को सुरक्षित तरीके से घर के बाहर छोड़ दिया गया।कृष्ण चंद्र साहू के भतीजे कुमुद साहू ने घटना के बारे में कहा,”मेरे चाचा घर पर सो रहे थे तभी एक सांप पहले उनके पेट पर से रेंग कर गया। डर कर मेरे चाचा डाइनिंग टेबल के चेयर का सहारा लेकर जमीन पर बैठ गए। वे एक पैरालिसिस पेशेंट हैं। जब वे डरकर चेयर के सहारे बैठे तो सांप उनके पीठ से होते हुए चेयर पर चढ़ गया और उनके हाथ से लपट गया। ऐसा मानों कोई रस्सी लपटी हो।घंटों के परिश्रम के बाद हमने चाचा को विषधर सांप के कब्जे से छुड़ाया और सांप को बाहर सुरक्षित छोड़ दिया।”











