बाराबंकी में दूल्हे ने सात फेरे लेने से पहले दुल्हन के सामने रसोई गैस संकट को लेकर एक अनोखी शर्त रखी

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बाराबंकी में दूल्हे ने सात फेरे लेने से पहले दुल्हन के सामने रसोई गैस संकट को लेकर एक अनोखी शर्त रखी, जिसने वहां मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया। लेकिन दुल्हन लक्ष्मी ने बिना हिचकिचाए इस शर्त को स्वीकार कर लिया। भीषण गर्मी और रसोई गैस की किल्लत के बीच बाराबंकी में एक शादी चर्चा का विषय बन गई, जहां सात फेरे लेने से पहले दूल्हे ने दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन दुल्हन ने भी समझदारी दिखाते हुए शर्त मान ली और फिर धूमधाम से जयमाला हुई।थाना लोनी कटरा क्षेत्र के खैरा बीरू गांव में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। यहां रहने वाले दूल्हे अशोक ने शादी के सात फेरे लेने से पहले अपनी होने वाली दुल्हन लक्ष्मी के सामने एक ऐसी शर्त रख दी, जिसने वहां मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, शादी के दिनों में दूल्हे अशोक को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस परेशानी ने दूल्हे को इतना प्रभावित किया कि उसने शादी से पहले ही अपनी भविष्य की गृहस्थी को लेकर एक सवाल खड़ा कर दिया।जयमाला से ठीक पहले दूल्हे अशोक ने दुल्हन लक्ष्मी से शर्त रखते हुए कहा कि अगर भविष्य में रसोई गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी? यह सवाल सुनकर वहां मौजूद बाराती और घराती कुछ पल के लिए चौंक गए, लेकिन दुल्हन लक्ष्मी ने बिना हिचकिचाए इस शर्त को स्वीकार कर लिया।दुल्हन के इस जवाब ने न सिर्फ दूल्हे को संतुष्ट किया, बल्कि वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी। इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाला की रस्म पूरी हुई और शादी का कार्यक्रम आगे बढ़ा।इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। लोग इसे एक मजेदार लेकिन सीख देने वाली घटना के रूप में देख रहे हैं। साथ ही यह भी साफ हो गया कि घरेलू समस्याएं चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर आपसी समझ और सहयोग हो तो हर मुश्किल आसान हो सकती है।