प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस मीटिंग में उन पांच राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं थे, जहां चुनाव होने वाले हैं। इसी वजह से पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस मीटिंग का हिस्सा नहीं थे। इस मीटिंग का उद्देश्य ईरान युद्ध से उपजे हालातों से कुशलता के साथ निपटना है। पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के चलते पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी गईं। कई लोग बड़ी टंकी में डीजल भराने के लिए पहुंच रहे हैं। इस वजह से भी अन्य लोगों को डीजल मिलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, सरकार लगातार दावा कर रही है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।भारत बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और एलपीजी, पीएनजी का आयात पश्चिमी एशियाई देशों से करता है। इसका बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आता है, जहां से टैंकर निकलने में परेशानी के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, ईरान ने भारत आने वाले टैंकरों को निकलने की छूट दे रखी है।
कोरोना के समय पीएम मोदी ने टीम इंडिया मॉडल के तहत काम किया था। इस मॉडल में सभी राज्य सरकारें और केंद्र सरकार मिलकर एक टीम की तरह काम करती हैं। केंद्र की जिम्मेदारी सभी राज्यों को बड़े पैमाने पर जरूरी चीजें उपलब्ध कराने की होती है और राज्य सरकारें सही तरीके से लोगों के बीच इनका वितरण करने पर ध्यान देती हैं। कोरोना के समय में दवाई, मास्क और टेस्टिंग किट पर जोर था। अब इनकी जगह पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर फोकस है। प्रधानमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि ईरान युद्ध से उपजे हालातों से निपटने के लिए कोरोनाकाल की तरह सभी को मिलकर काम करना होगा।मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की बैठक पूरी हो चुकी है। इस मीटिंग में ईंधन की कीमतों और आपूर्ती पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है। पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज़ ड्यूटी में सरकार की कटौती पर शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा, “सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है, जिससे ग्लोबल कीमतें बढ़ने पर लोगों को राहत मिली है। यह जनता के लिए चिंता दिखाता है। कांग्रेस का कहना है कि कटौती से ज्यादा मदद नहीं मिलेगी, लेकिन कोई भी कमी इंटरनेशनल रेट बढ़ने के बावजूद राहत देती है। विपक्ष आलोचना करता है क्योंकि उनका यही एकमात्र रोल बचा है।”चुनाव वाले राज्य मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट की वजह से इस मीटिंग का हिस्सा नहीं हैं। चुनाव वाले राज्यों के चीफ सेक्रेटरी के लिए एक अलग मीटिंग होगी, जो कैबिनेट सेक्रेटेरिएट के जरिए होगी। इसी वजह से ममता बनर्जी, हिमंत विश्व शर्मा और अन्य चुनावी राज्यों के सीएम इस मीटिंग का हिस्सा नहीं हैं।सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की मीटिंग शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार चाहती है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें न बढ़ें। इसलिए एक्साइट ड्यूटी कम की गई है। मीटिंग के दौरान राज्यों से वैट कम करने के लिए कहा जा सकता है और एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया जा सकता है।पेट्रोल और डीजल पर सरकार के एक्साइज ड्यूटी कम करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इसे इसलिए कम किया गया है ताकि जनता पर कोई बोझ न पड़े। विदेशों में तेल की कीमत बढ़ रही है। हम कच्चा तेल इंपोर्ट करने के बाद भारत में तेल रिफाइन करते हैं। रिफाइंड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए जाते हैं। इसलिए, पीएम के दिमाग में दो बातें थीं। पहली- जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमत नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। दूसरी हमारे देश में सप्लाई काफी होनी चाहिए और कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसलिए, हमने एक्सपोर्ट करने वाली रिफाइनरियों पर टैक्स लगाया, ताकि वे उन्हें दिए जाने वाले रेट से कम पर एक्सपोर्ट न कर सकें और देश में पेट्रोल, डीजल की सही मात्रा उपलब्ध कराई जाए। हालांकि, कीमत बढ़ती है, सरकार रेट का बोझ उठाएगी। कीमत का बोझ सरकार पर नहीं पड़ेगा। इन दो मामलों के लिए, पीएम ने कल सभी अधिकारियों को बुलाया और यह फैसला किया। इस पर रात भर काम किया गया, सुबह पार्लियामेंट में नोटिफाई किया गया और आखिर में अनाउंस किया गया।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से तेल और एलपीजी सप्लाई को लेकर अफवाहें रोकने के लिए कहा है। सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन की संभावना नहीं है। भारत के पास पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल मौजूद है। भविष्य की जरूरतों के लिए पश्चिमी एशिया के अलावा रूस और अन्य देशों से भारतीय रिफाइनरी कच्चा तेल खरीद रही हैं।कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है। इसे कम करने के लिए केंद्र सरकार ने टैक्स कम कर दिया है। पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकारें भी वैट लगाती हैं। इस मीटिंग में राज्य सरकारें वैट कम करने पर विचार कर सकती हैं।पंजाब में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सप्लाई पर पंजाब के इंडस्ट्री और कॉमर्स मिनिस्टर संजीव अरोड़ा ने कहा, ” हमने आज चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बारे में बात की। एलपीजी की कमी कुछ हद तक असली है और कुछ हद तक बनाई गई है। घर के इस्तेमाल के लिए, कोई कमी नहीं है। ज्यादा बुकिंग की वजह से घबराहट हो गई है, लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी रिक्वेस्ट सिंपल है- सिर्फ वही बुक करें जिसकी आपको जरूरत है। पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री आज मुख्यमंत्रियों से मिल रहे हैं, और शाम तक और क्लैरिटी आ जाएगी।”पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस वर्चुअल मीटिंग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। हालांकि, चुनावी राज्य जैसे पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस मीटिंग का हिस्सा नहीं बनेंगे