सावन शिवरात्रि का पारण कब और कैसे करना है, आखिर क्या हैं इसके नियम?
श्रावण माह के शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में आज लोग व्रत रख रहे हैं, जिसके लिए पारण 24 जुलाई को किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि पारण के लिए शुभ समय क्या है?
सावन शिवरात्रि का पारण समय
हिंदू धर्म में सावन की शिवरात्रि का अलग ही महत्व है। यह पूरा महीना भगवान शिव का समर्पित है और इस माह से देवउठनी एकादशी तक शिव जी ही सृष्टि का संचालन करते हैं। इसके अलावा, मान्यता है कि सावन में भोलेनाथ सपरिवार कैलाश पर्वत पर आते हैं, इसी दिन के साथ कावंड़ यात्रा भी आज शिव अभिषेक के साथ ही समाप्त हो जाती है। साथ ही बड़ी संख्या में लोग इस दिन व्रत करते हैं, जिसका पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में किया जाता है। आइए जानते हैं पारण का शुभ मुहूर्त…
सावन शिवरात्रि के व्रतधारियों को 24 जुलाई 2025 को अपना व्रत खोलना चाहिए, इसलिए शुभ समय यानी शिवरात्रि पारण समय सुबह 06:13 तक है।
कैसे करना व्रत पारण?
जातक शिवरात्रि व्रत का पारण अगले दिन स्नान-दान आदि करने के बाद सूर्य उदय होने के बाद करें। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि, सूर्योदय व चतुर्दशी तिथि के अस्त होने के मध्य का समय शिवरात्रि व महाशिवरात्रि व्रत पारण के लिए अति उत्तम है।
ऐसे में शिवरात्रि व्रतधारियों को 24 जुलाई की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए, फिर भगवान शिव को जल अर्पित करें, इसके बाद बेलपत्र, भांग-धतूरा और सफेद फूल चढ़ाना चाहिए। इसके बाद महादेव से जाने-अनजाने गलती के लिए क्षमा मांगे और सात्विक भोजन का भोग लगाएं। इसके बाद उसी सात्विक भोजन से अपना भी व्रत तोड़ें।
शिवरात्रि पारण के नियम क्या हैं?
शिवरात्रि पर पूरे दिन उपवास करें। भक्तों को रात्रि में शिव पूजा करनी चाहिए और फिर अगली सुबह भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा के बाद अपना उपवास खोलना चाहिए











