भारतीय मूल के ऋषि सुनक शनिवार को नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे नजर आए

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं भारतीय मूल के ऋषि सुनक
कंजर्वेटिव पार्टी के एक बड़े समूह का मानना है कि सुनक विभाजित सत्तारूढ़ दल को एकजुट करने के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी का नया नेता और देश का अगला प्रधानमंत्री चुने जाने के लिए अपना कैंपेन शुरू करने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक शनिवार को नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे नजर आए। 42 वर्षीय सुनक इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद हैं। हाउस ऑफ कॉमन्स में सत्ता पक्ष के नेता मार्क स्पेंसर, कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ओलिवर डाउडेन और पूर्व कैबिनेट मंत्री लियाम फॉक्स सहित कई वरिष्ठ टोरी सांसदों ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है। सुनक की दावेदारी इसलिए और मजबूत हुई
कंजर्वेटिव पार्टी के एक बड़े समूह का मानना है कि सुनक विभाजित सत्तारूढ़ दल को एकजुट करने के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं और वह पूर्व चांसलर के रूप में ब्रिटेन के सामने आने वाली बड़ी आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सबसे अधिक सक्षम हैं। सुनक की स्थिति इसलिए और मजबूत हो गई है, क्योंकि कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने खुद को आधिकारिक तौर पर इस दौड़ से बाहर कर लिया है। अपने सोशल मीडिया कैंपेन ‘#Ready4Rishi’ के ओपनिंग वीडियो में सुनक ने कहा, ‘मैंने सबसे कठिन समय में, जब हम कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहे थे, सरकार में सबसे कठिन विभाग को चलाया।’ ‘#Ready4Rishi’ कैंपेन की वेबसाइट पर प्रकाशित सुनक के संदेश में कहा गया है, ‘हमारा देश बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो किसी पीढ़ी के लिए सबसे गंभीर हैं। किसी को इस संवेदनशील पल में मजबूत स्थिति में आगे आना है और सही निर्णय लेने हैं।’ जॉनसन समर्थकों ने सुनक पर लगाए आरोप
इस बीच Boris Johnson के समर्थकों ने सुनक पर आरोप लगाया है कि उनके अभियान से जुड़ा वीडियो दर्शाता है कि वह लंबे समय से इस दिशा में काम कर रहे थे। हालांकि, सुनक का खेमा दावा कर रहा है कि यह वीडियो जॉनसन का इस्तीफा सार्वजनिक होने के कुछ घंटे बाद तैयार किया गया था। इसमें सुनक भारतीय मूल की अपनी पारिवारिक विरासत और अपनी नानी के पूर्वी अफ्रीका से ब्रिटेन आने की भावुक कहानी भी बयां करते नजर आ रहे हैं।
सट्टेबाजों की भी पहली पसंद हैं सुनक वेबसाइट ‘ऑड्सचेकर यूके’ के मुताबिक, सुनक सट्टेबाजों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं और विदेश मंत्री लिज ट्रूस व रक्षा मंत्री बेल वॉलेस जैसे अन्य संभावित दावेवारों पर भी खूब दांव लग रहे हैं। हालांकि, वॉलेस अब इस दौड़ से बाहर होने की घोषणा कर चुके हैं। नाइजीरियाई मूल की पूर्व समानता मंत्री केमी बडेनोच अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने वाली सबसे नई कैंडिडेट हैं। वहीं, टोरी नेता स्टीव बेकर ने गोवा मूल की अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन के प्रति समर्थन जताते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। ब्रेवरमैन पीएम पद की दौड़ में शामिल होने का अपना इरादा जाहिर करने वाले शुरुआती नेताओं में हैं। रेस में शामिल हो सकते हैं 16 उम्मीदवार वरिष्ठ कंजर्वेटिव नेता टॉम तुगेंदत भी प्रधानमंत्री बनने की होड़ में शामिल हैं। यानी फिलहाल इस पद के कम से कम 4 दावेदार हैं और आने वाले दिनों में कुछ अन्य नेताओं के सामने आने से यह संख्या और बढ़ सकती है। जॉनसन का उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया काफी लंबी है और 10 डाउनिंग स्ट्रीट में उनकी जगह कब तक भरेगी, इसकी स्थिति अगले हफ्ते तक स्पष्ट होने की संभावना है। ‘द डेली टेलीग्राफ’ के मुताबिक, कंजेर्वेटिव पार्टी के नेता के चुनाव से जुड़े नियम और समयसीमा निर्धारित करने को लेकर 1922 की समिति के भीतर चिंताएं हैं, क्योंकि 16 उम्मीदवार दौड़ में शामिल होने पर विचार कर सकते हैं। यूं होगी कम गंभीर उम्मीदवारों की छंटाई
अखबार के मुताबिक, ऐसे में कम गंभीर उम्मीदवारों को शुरुआती चरण में ही नेतृत्व की दौड़ से बाहर निकालने के लिए प्रत्येक प्रत्याशी के वास्ते 20 सांसदों का समर्थन जुटाने की प्रारंभिक सीमा तय की जा सकती है, जिसमें एक प्रस्तावक, एक समर्थक और 18 अन्य टोरी सांसद शामिल हैं। अखबार के अनुसार, पहले प्रत्येक दावेदार के लिए एक प्रस्तावक,

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