‘अमेरिका का दबदबा खत्म हो चुका है रुसी राष्ट्रपति पुतिन

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‘अमेरिका का दबदबा खत्म हो चुका है, वह अपने सहयोगियों को गुलाम समझता है’ – रुसी राष्ट्रपति पुतिन
मॉस्को में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अमेरिका अब पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा। दुख इस बात का है कि वो अपने सहयोगी देशों के साथ भी गुलामों की तरह व्यवहार करता है।
अमेरिका अब पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा-पुतिनअमेरिका के सहयोगी देश किसी के बहकावे में न आएं-पुतिनअमेरिका सहयोगी देशों के साथ गुलामों की तरह बर्ताव करता है-पुतिन
रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बड़ा दावा किया है। पुतिन ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि दुनिया में अब उसका दबदबा कम हो गया है। पुतिन ने अमेरिका के सहयोगी देशों को सलाह दी है कि वो रूस के खिलाफ किसी बहकावे में आने से पहले अपने फायदे-नुकसान के बारे में विचार कर लें। पुतिन ने कहा- अमेरिका खुद को मैसेंजर ऑफ लॉर्ड, यानी ‘भगवान का संदेशवाहक’ समझता है, जबकि सच्चाई यह है कि अमेरिका अपने सहयोगियों को अपना गुलाम मानता है। वह उनके साथ गुलामों की तरह बर्ताव करता है।
अमेरिका पर सख्त पुतिन
शुक्रवार को मॉस्को में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अमेरिका अब पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा। दुख इस बात का है कि वो अपने सहयोगी देशों के साथ भी गुलामों की तरह व्यवहार करता है। अब उसके सहयोगियों को भी यह समझना होगा कि दुनिया में अमेरिकी दबदबा खत्म हो गया है। ये होना भी था, क्योंकि अगर आप हमेशा दूसरों को कमजोर और गुलाम समझेंगे तो एक दिन आपको इसकी कीमत जरूर चुकानी होगी।”
अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन मॉस्को में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 70 मिनट तक बोले। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान उन्होंने एक भी बार रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र नहीं किया। हालांकि, रूस पर आर्थिक पाबंदियों और अर्थव्यवस्था का उन्होंने कई बार जिक्र किया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अचानक कीव पहुंचे
मॉस्को में आयोजित कार्यक्रम के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन शुक्रवार को अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। हाल ही में संसद में विश्वास मत जीतने के बाद बोरिस जॉनसन फिर एक्टिव नजर आ रहे हैं। यहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। फरवरी में जंग शुरू होने के बाद जॉनसन दूसरी बार यूक्रेन पहुंचे हैं। बोरिस ने जेलेंस्की को भरोसा दिलाया कि ब्रिटेन और नाटो यूक्रेन की हर मुमकिन मदद करेंगे। ब्रिटिश आर्मी यूक्रेन के दस हजार सैनिकों को ट्रेनिंग देगी। इसके अलावा मेडिकल फेसेलिटीज को नए सिरे से डेवलप किया जाएगा।
पश्चिमी देश रूस के खिलाफ कर रहे हैं बड़े एक्शन की तैयारी
वहीं इसी बीच खबर है कि पश्चिमी देश रूस के खिलाफ और यूक्रेन के पक्ष में कोई बड़ा फैसला करने जा रहे हैं। इस बात का अंदाजा पिछले कुछ दिनों से कीव में घट रहे घटनाक्रम को देखकर लगाया जा रहा है। आपको बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज और इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। इन सभी नेताओं ने पहले कीव के उन हिस्सों का दौरा किया, जहां रूस ने जबरदस्त हमले किए हैं। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की के साथ लंबी मीटिंग की। इसके कुछ ही घंटे बाद जॉनसन यहां पहुंचे। माना जा रहा है कि पश्चिमी देश कोई नई प्लानिंग कर रहे हैं।

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