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New Delhi. ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में कल दोपहर तीन बजे सुनवाई होगी। इससे पहले सर्वे की दूसरी रिपोर्ट पेश हुई थी। सूत्रों के मुताबिक सर्वे की दूसरी रिपोर्ट 10-15 पन्नों की है।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर के अंदर के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जहां सर्वेक्षण में ‘शिवलिंग’ पाया गया और मुसलमानों को एक दीवानी अदालत के रूप में भी ‘नमाज’ करने की अनुमति दी गई। “अपने कर्तव्यों के निर्वहन के प्रति गैर-जिम्मेदार व्यवहार” प्रदर्शित करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर को हटा दिया। इस बीच, ज्ञानवापी सर्वेक्षण पर वाराणसी की अदालत में पूर्व वकील आयुक्त अजय मिश्रा द्वारा कल दायर की गई 2 पृष्ठ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक खंडित देवता, मंदिर का मलबा, मस्जिद में कमल के आकार के साथ-साथ अन्य खंडहर भी पाए गए हैं।

इस वक्त पूरे हिंदुस्तान में एक ही चर्चा है काशी की ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाना में क्या मिला? पानी के नीचे फव्वारा मिला जैसा कि मुस्लिम पक्ष दावा कर रहा है या वो शिवलिंग है जैसा हिंदू पक्ष कह रहा है? शिवलिंग वाली जगह की सुप्रीम कोर्ट ने सिक्योरिटी का ऑर्डर दिया। इन सबके बीच ज्ञानवापी परिसर के सर्वे से एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमारमिश्रा को कोर्ट ने हटा दिया है। हालांकि, मुस्लिम पक्षकारों ने पूर्व एडवोकेट कमिश्नर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इसके बाद भी उन्हें उनके पद से नहीं हटाया गया।

अजय कुमार मिश्रा एडवोकेट कमिश्नर के पद से हटाए जाने के बाद मीडिया से बात करते-करते रो पड़े। कैमरे पर वो भावुक हो गए और उनके आंसू निकल पड़े। बताया जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट अदालत में पेश होने से पहले लीक हो जाने पर कार्रवाई हुई। दावा किया जा रहा है कि उनको नए एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह की शिकायत पर हटाया गया है।

By Admin

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