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वॉशिंगटन.कोरोना महामारी दुनिया का पीछा नहीं छोड़ रही है। अब ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट BA.2 को लेकर जापान में किए गए शोध में चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। इसे देखते हुए अमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के इस नए उप स्वरूप को तुरंत चिंताजनक वैरिएंट (variant of concern) घोषित किए जाना चाहिए।
ओमिक्रॉन के बीए.2 सब स्ट्रैन या उप स्वरूप को लेकर किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष बतौर कहा गया है कि ‘यह न केवल तेजी से फैलता है बल्कि गंभीर रोग भी पैदा कर सकता है।’ इस शोध रिपोर्ट के आधार पर अमेरिका के लोक स्वास्थ्य वैज्ञानिक डॉ एरिक फीगल-डिंग ने बीए.2 को तुरंत चिंताजनक स्वरूप घोषित करने की मांग की।
अमेरिकी विशेषज्ञ ने इसलिए बीए.2 को बताया चिंताजनक
टोक्यो के एक विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने इस पर शोध किया है। बीए.2 सब वैरिएंट तेजी से फैलता व संक्रमित को गंभीर रूप से बीमार करता है।
पिछले सप्ताह डब्ल्यूएचओ ने सावधान करते हुए कहा था कि बीए.2 स्ट्रैन बीए.1 की तुलना में ज्यादा संक्रामक है।
अध्ययन के तहत खरगोश (हैम्स्टर्स) को ओमिक्रॉन के BA.1 स्वरूप और BA.2 उप स्वरूप से संक्रमित कराया गया।
शोध में पता चला कि BA.2 से संक्रमित हैमस्टर के फेफड़ों में संक्रमण बेहद बदतर हो गया। यहां तक कि इससे संक्रमित खरगोश के फेफड़े क्षतिग्रस्त हो गए।
बीए.2 सब स्ट्रैन इसी माह डेनमार्क और ब्रिटेन में पाया गया है। यह टीकों से तैयार हुई एंटीबॉडी के लिए भी प्रतिकूल है।
जो लोग कोविड के पूर्व के वर्सनों से संक्रमित हो चुके हैं, उनकी एंटीबॉडी के लिए भी BA.2 प्रतिरोधी पाया गया है।
शोध में यह भी पाया गया है कि बीए.2 ने अब बीए.1 की जगह लेना शुरू कर दिया है। यानी यह अब तेजी से फैल रहा है। ओमिक्रॉन के मूल स्वरूप की तुलना में ज्यादा संक्रामक है।
हालांकि बीए.2 को ओमिक्रॉन का एक प्रकार माना गया है, लेकिन इसकी जीनोम सीक्वेंस मूल स्वरूप बीए.1 से पूरी तरह अलग है।
इस तरह ओमिक्रॉन के ये दोनों वैरिएंट कोरोना वायरस के पूरी तरह से अलग गुणों वाले हैं।
ओमिक्रॉन पिछले साल नवंबर में बोत्स्वाना व दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। उसके बसद से यह कई दैशों में फैल चुका है। इसने अब इसके पूर्व के वैरिएंट का स्थान ले लिया हे।

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