Share

देहरादून। प्रदेश के विभिन्न महकमों में हजारों कार्यरत और सेवानिवृत्त कार्यप्रभारितों को पेंशन, ग्रेच्युटी और एरियर देने की ओर बढ़ रही सरकार को एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। आगामी बुधवार तक सरकार 500 करोड़ का ऋण लेगी। कैंपा फंड के लिए केंद्र से मिली बड़ी धनराशि से तकरीबन तीन महीने राहत के बाद सरकार को अब कर्ज उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दरअसल, विकास कार्यों के लिए बाजार से लिया जाने वाला ऋण हकीकत में कार्मिकों के वेतन-भत्तों और अन्य खर्चों की पूर्ति में ही जा रहा है। गैर विकास मदों में बढ़ते खर्च की बदौलत विकास कार्यों के लिए बजट में ही कम धनराशि उपलब्ध हो पा रही है। छोटे और बड़े निर्माण कार्यो के लिए राज्य को कुल बजट का 13 फीसद धन भी नहीं मिल पा रहा है। आमदनी कम और खर्च ज्यादा होने का नतीजा है कि सरकार को गाहे-बगाहे बाजार से ऋण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। बीते अगस्त माह तक सरकार बाजार से 1500 करोड़ रुपये कर्ज ले चुकी है।
अब एक बार फिर कार्यप्रभारित कार्मिकों को किए जाने वाले भुगतान के लिए सरकार को करीब 200 करोड़ की दरकार है। साथ में कई महकमों में कार्मिकों के वेतन भुगतान की समस्या मुंहबाए खड़ी है। ऐसे में चालू माह दिसंबर के पहले हफ्ते में ही बाजार से कर्ज लिया जाएगा। वित्त सचिव अमित नेगी का कहना है कि कर्ज की करीब 500 करोड़ की राशि आगामी बुधवार तक सरकारी खजाने में पहुंचेगी।
प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन, अल्पकालिक शिक्षिकाओं, लेखाकारों, अनुसेवकों और रसोइयों का मानदेय सरकार ने बढ़ा दिया है। इस संबंध में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी किए हैं। प्रदेश में 16 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत सौ से अधिक अल्पकालिक शिक्षिकाओं के मासिक मानदेय को 7000 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये, लेखाकार का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये, अनुसेवकों को 5000 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये और रसोइये को 5250 रुपये से बढ़ाकर 8000 रुपये मानदेय दिया जाएगा।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *