हुकूमत एक्सप्रेस
मुरादाबाद। श्री सत्या ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन लोधिपुर राजपूत के श्री सत्य कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन में मंगलवार को डी एल एड फर्स्ट सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के साथ समाज में दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे जघन्य घटनाओं अपराधों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी में बोलते हुए श्रद्धा सक्सेना ने कहा कि अपनी आत्मरक्षा के लिए स्वयं तैयार रहना होगा क्योंकि हर गली नुक्कड़ पर नियत खराब होती जा रही है इसी क्रम में विदुषी चैधरी ने कहा की एक और जहां अश्लीलता बढ़ रही है वहीं हमारी सोच भी बदल नहीं पा रही है अतः अपनी सोच को बदलना होगा आशीष पाराशरी ने एक कविता के माध्यम से संदेश दिया कि जहां एक और कानून सख्त हो और तुरंत ऐसे कुकृत्य करने वाले अत्याचारी सजा का प्रावधान हो वही इसकी शुरुआत अपने परिवार से भी हो। सीमा रानी ने कहा कि हमें अपने बच्चों को भी घर से शिक्षा देनी होगी और उन्हें ऐसी परिस्थिति में डटकर मुकाबला करने के लिए सचेत करना होगा। इसी क्रम में अमित कुमार , अनमता जावेद राजकुमार ,आकांक्षा, सोनम, सपना, शर्मा ,शगुन शर्मा ,रुकैया परवीन, गरिमा पाल आदि ने अपने विचार व्यक्त किए प्रवक्ता पर्यावरण सचेतक नैपालसिंह पाल ने कहा कि हमें अपने घर से ही इसके शुरुआत करनी पड़ेगी बेटी हो या बेटा उनको यह बताना पड़ेगा कि जैसे हम अपने घर में बहन को बहन और भाई को भाई समझते हैं। उसी प्रकार घर से बाहर निकलने के बाद भी हमें महिला को अपनी मां के रूप में और लड़की को बहन आदि के रूप में देखना होगा और महिलाओं के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखना होगा तथा कठोर सजा का प्रावधान सरकार को जल्द से जल्द करना होगा प्रवक्ता विपिन ठाकुर ने कहा की एक और जहां हम समाज में रहते हैं दूसरी ओर वहीं कुछ लोग समाज को गंदा करने का काम भी कर रहे हैं ऐसे लोगों को समाज से बेदखल करने का काम हमें करना होगा। प्रवक्ता भावना शर्मा ने कहा महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए तत्पर रहना होगा।
श्री सत्या ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के उपनिदेशक डॉ सत्यवीर सिंह चैहान ने कहा कि समाज में बढ़ रही ऐसी घटनाओं के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा और ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी और मानसिकता बदलनी होगी इस अवसर पर डी एल एड प्रथम सेमेस्टर के मनोज कुमार, मनोज सिंह ,कुमारी श्वेता सिंह, काजल, समीक्षा, निहारिका ,बबीता, मीनाक्षी सैनी, बेबी रानी, सुमित्रा आदि उपस्थित रहे।











