हम किसी भी सूरत में टीएचडीसी को नहीं बिकने देंगे: हरीश रावत

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ऋषिकेश। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मोदी सरकार पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की यादों को मिटाने पर तुली है। हम किसी भी सूरत में टीएचडीसी को नहीं बिकने देंगे। उन्होंने कहा कि दिसंबर में उत्तराखंड के लोग टिहरी कूच करेंगे। उसके बाद विधानसभा सत्र का घेराव किया जाएगा। विधानसभा के माध्यम से टीएचडीसी को ना बेचने संबंधी प्रस्ताव पारित कराने के लिए भाजपा विधायकों के घर पर जागर लगाया जाएगा।
टीएचडीसी ऋषिकेश के बाहर धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीएचडीसी बचाओ आंदोलन की कमान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय संभालेंगे। टिहरी कूच सहित आंदोलन की रणनीति जल्द तैयार की जाएगी। टिहरी के लोगों को नए संघर्ष के लिए तैयार होने की जरूरत है। हम किसी भी सूरत में टिहरी डैम को अडाणी डैम नहीं बनने देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार थी, तो हमने बांध के पानी के बदले टैक्स के रूप में 700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित किया था। अगर यह परियोजना बिकती है तो उत्तराखंड को मिलने वाले लाभांश का क्या होगा।
हरीश रावत ने कहा कि मोदी सरकार जहां कहीं भी अच्छा होता है तो वह अपने नाम पर दर्ज कर लेती है। जहां कहीं भी गलत होता है तो कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा जाता है। केंद्र सरकार टीएचडीसी ही नहीं बल्कि निपको, बीपीसीएल, ओएनजीसी को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। टेलीकॉम सेक्टर भी निजी हाथों में दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा सेक्टर अंबानी और अडानी को देने की तैयारी है।
इन बड़े घरानों ने मोदी सरकार को बनाने का काम किया है। अब यह सरकार परियोजनाएं इन्हें सौंप कर कर्ज उतार रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें टीएचडीसी और लोकतंत्र दोनों को बचाना है। केंद्र से भाजपा को हटाने के लिए हमें शहीद ही क्यों ना होना पड़े हमें इसकी भी तैयारी रखनी है।

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