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नई दिल्ली-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए भारत तथा ताजीकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया। इस समझौता पर दूशानबे में 8 अक्टूबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे।

प्रमुख विशेषताएं :

  • यह समझौता पृथ्वी के दूर संवेदी, सेटेलाइट संचार, सेटेलाइट आधारित नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष प्रणालियों और ग्राउंड सिस्टम, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी ऐप्लीकेशन सहितअंतरिक्ष विज्ञान टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशनों में सहयोग की संभावनाओं में सहायक होगा।
  • इस समझौता से एक संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो इस समझौता को लागू करने की समय सीमा और उपायों सहित एक कार्य योजना तैयार करेगा। कार्य समूह में डीओएस/ इसरो तथा ताजीकिस्तान गणराज्य की लैंड मैनेजमैंट तथा जियोडेसी स्टेट कमेटी के सदस्य होंगे।

प्रमुख प्रभाव :

यह समझौता भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग को मजबूत बनाएगा और दूर संवेदी, सेलेटाइट संचार, सेटेलाइट नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा बाह्य अतंरिक्ष की खोज के क्षेत्र में नई शोध गतिविधियां तथा ऐप्लीकेशन संभावनाओं में तेजी लाएगा।

लाभ :

इस समझौते से मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ऐप्लीकेशन के  क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियां बढ़ेंगी। इस समझौता से संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो समझौता के प्रावधानों को लागू करने की समय सीमातथा उपायों सहित कार्य योजना तैयार करेगा।

By Admin

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