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लखनऊ. प्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटे बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। इसके बाद 16 अक्तूबर को बारिश का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और आसपास के मध्यवर्ती जिलों तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्तूबर के बाद प्रदेश में मौसम एक बार फिर शुष्क हो जाने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने के आसार हैं। इसके बाद 15 और 16 अक्तूबर को नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तराई क्षेत्र और उससे सटे मध्यवर्ती जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 16 अक्तूबर को लखनऊ में भी बारिश हो सकती है।
17 अक्तूबर तक बिगड़ा रहेगा मौसम
तापमान में आंशिक गिरावट भी आ सकती है। मौसम में इस बदलाव की वजह पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। इसके प्रभाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलेगा। इसके बाद वर्षा का दौर पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों और उनसे सटे मध्यवर्ती जिलों को प्रभावित कर सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। हालांकि, यह बदलाव ज्यादा दिनों तक रहने के आसार नहीं हैं। 17 अक्तूबर के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां थमने और मौसम के फिर से शुष्क होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 48 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश हुई। अब यह मौसमी सिस्टम आगे बढ़ गया है और बारिश का दौर थम गया है। प्रदेश में फिलहाल कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इसके चलते अगले 24 घंटे तक ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दिल्ली एनसीआर, आगरा और सहारनपुर तक 15 और 16 को बारिश के आसार हैं।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में अगले बदलाव की वजह एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ होगा। इसके प्रभाव से 15-16 अक्तूबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में स्थित तराई के जिलों और उनसे सटे मध्यवर्ती इलाकों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हालांकि, जारी पूर्वानुमान में बारिश की तीव्रता, संभावित वर्षा की मात्रा और प्रभावित होने वाले जिलों के नाम स्पष्ट नहीं किए गए हैं। ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना मानना उचित नहीं होगा। बारिश का असर सीमित क्षेत्रों में रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान से इसकी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

By Admin