कोलकाता. कोलकाता में आयोजित भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने लोगों से बिना डर भगवद्गीता का पाठ करने की अपील की और कहा कि राज्य में अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में किसी साधु या संत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग साधुओं का अपमान करेंगे, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में धार्मिक बयानों और संतों को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आते रहे हैं।
‘टीका, शिखा, धोती और तुलसी’ वाली सरकार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार को ‘टीका’, ‘शिखा’, ‘धोती’ और ‘तुलसी’ से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य ‘गौमाता’ की रक्षा करना है। उन्होंने लोगों से अपनी धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बिना डर आगे आने की अपील की।
धार्मिक परंपराओं पर पहले भी बोले हैं अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी इससे पहले भी बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने सितंबर में कहा था कि उनकी सरकार राज्य में पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
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