बनबसा। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बनबसा ने मंगलवार को देशभक्ति और शौर्य का गौरवपूर्ण संदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का लोकार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सीमा क्षेत्र में विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया, जिसने सीमांत क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के बलिदान को नमन किया। एसएसबी जवानों के बिगुल वादन के बीच दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित यह स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान की अमर गाथा का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों को देश के अंतिम क्षेत्र के बजाय पहले क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सोच के साथ कार्य किया जा रहा है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, मैं स्वयं सैनिक परिवार से आता हूं, इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए भावुक और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है और प्रदेश के अनेक परिवारों का सेना एवं अर्धसैनिक बलों से सीधा जुड़ाव है। देश की सीमाओं की रक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है। वीर नारियों का सम्मान, सैनिक परिवारों के प्रति जताया सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, वीर माता तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों से संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी बात सुनी। एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साह भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों के शौर्य और बलिदान को सम्मान देना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। बनबसा में स्थापित यह स्मारक सीमांत क्षेत्र की राष्ट्रीय भावना को मजबूती देने के साथ युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को नई दिशा देगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित जिला प्रशासन, एसएसबी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं वीर माताएं मौजूद रहीं।











