लंबे पश्चिम बंगाल स्थित इंडिया-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया

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भारत बांग्लादेश सीमा पर इस समय सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता अपने उच्च स्तर पर है। करीब दो हजार किलोमीटर से अधिक लंबे पश्चिम बंगाल स्थित इंडिया-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इस पूरे क्षेत्र में छह प्रमुख इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से वैध तौर पर लोगों और सामान की आवाजाही होती है।
हिली ICP
चंगराबांधा ICP
घोजाडांगा ICP
महादीपुर ICP
फुलबाड़ी ICP
पेट्रापोल ICP
इन सभी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों, कस्टम विभाग और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की कड़ी निगरानी रहती है। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सबसे प्रमुख 4 होल्डिंग सेंटर पेट्रापोल के आसपास तैयार किए गए हैं, जबकि अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी होल्डिंग स्टेशन सक्रिय किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यह संदेश भी दिया गया है कि जो लोग अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत आए हैं और वापस जाना चाहते हैं, वे स्थानीय प्रशासन, पुलिस या BSF से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
अवैध घुसपैठ नेटवर्क पर बड़ा एक्शन शुरू हो चुका हैं। इस समय मल्टीपल एजेंसियां उन टाउट्स और नेटवर्क्स पर भी बड़ा क्रैकडाउन चला रही हैं, जो अवैध तरीके से बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसपैठ कराने में मदद कर रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये टाउट्स 20 से 25 हजार रुपये या उससे अधिक राशि लेकर अवैध आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल और रहने की व्यवस्था उपलब्ध करवाते थे। इनके बांग्लादेश में मौजूद संपर्कों के जरिए घुसपैठ का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अब ऐसे सभी संदिग्ध नेटवर्क्स, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और अवैध शेल्टर देने वालों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
होल्डिंग एरिया और सीमा पर बढ़ी निगरानी बढ़ी हुई हैं। पेट्रापोल सहित सभी छह ICP और आसपास के इलाकों में BSF की तैनाती बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर विशेष ध्यान दे रही हैं कि न तो कोई अवैध घुसपैठ कर सके और न ही कोई संदिग्ध व्यक्ति सीमा पार भाग सके। इसके अलावा उन संवेदनशील इलाकों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है जहां सीमा पूरी तरह फेंसिंग से कवर नहीं है। इनमें नदी-नाले, तेज पानी के बहाव वाले क्षेत्र, दलदली इलाके और पोरस बॉर्डर शामिल हैं।पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन के बाद सिलिगुड़ी कॉरिडोर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी फेंसिंग और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।वीजा जारी होने में भारी गिरावट।बांग्लादेश में मौजूद भारतीय हाई कमीशन और अन्य दूतावासों में पहले 5 अगस्त 2024 से पहले प्रतिदिन लगभग 5 से 6 हजार लोग वीजा के लिए आवेदन करते थे। लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 2 हजार तक पहुंच गई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि फिलहाल टूरिस्ट वीजा जारी नहीं किए जा रहे हैं।इस समय केवल निम्न श्रेणी के वीजा प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जा रहे हैं:
बिजनेस वीजा
कॉन्फ्रेंस वीजा
मेडिकल वीजा
वर्क वीजा
मल्टीपल एंट्री वीजा
पति/पत्नी (स्पाउस) वीजा
अन्य देशों की एम्बेसी से जुड़े ट्रांजिट वीजा
भारतीय दूतावासों में भीड़
भारतीय दूतावासों में अभी भी भीड़ बनी हुई है, लेकिन वैध और अवैध एंट्री को अलग-अलग पहचानने और निगरानी रखने के लिए सुरक्षा प्रक्रिया को काफी सख्त किया गया है। बायोमेट्रिक डेटा और डेमोग्राफिक बदलाव पर फोकस। सरकार का मुख्य उद्देश्य अवैध घुसपैठ को रोकना और संभावित डेमोग्राफिक बदलावों पर नियंत्रण बनाए रखना है। इसके तहत सुरक्षा एजेंसियां अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों की पहचान, उनके बांग्लादेश स्थित पते, पारिवारिक जानकारी और अन्य विवरण जुटा रही हैं। BSF के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक पहले पकड़े गए वैध और अवैध सीमा पार करने वालों का बायोमेट्रिक डेटा पहले से सिस्टम में मौजूद है और अब उसका विश्लेषण भी किया जाएगा ताकि भविष्य में घुसपैठ नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।