नेचुरोपैथी में छिपा है थायराइड से लेकर डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का निदान, बाबा रामदेव से जानें इसके फायदे
Naturopathy: नेचुरोपैथी वरदान है जिसमें 100 रोगों का निदान है इसलिए आज शुगर-बीपी, हार्ट, थायराइड, मोटापा, इनडायजेशन जैसी लाइफस्टाइल डिजीज़ को नेचुरल उपाय से ठीक करने के उपाय स्वामी रामदेव से जानेंगे
आजकल के बच्चे मिट्टी-मैदान में खेलने से ज़्यादा मोबाइल, लैपटॉप, वीडियो गेम्स जैसे गैजेट्स पर टाइमपास करना ज्यादा पसंद आता है।बच्चे छोड़िए, आजकल तो ऐसे पेरेंट्स भी काफी हैं जो हाइजीन, साफ सफाई के नाम पर बच्चों को ज़्यादा ही कैद करके रखते हैं। मिट्टी से खेलना तो दूर बिना जूते या चप्पल, ज़मीन पर पैर भी नहीं रखने देते जबकि मिट्टी में खेलने के इतने फायदे हैं कि गिनते गिनते थक जाएंगे।इससे क्रिएटिविटी बढ़ती है, sensory development मज़बूत होता है, इम्यूनिटी बढ़ती है…नर्वस सिस्टम बेहतर होता है। हमारा शरीर मिट्टी, पानी, हवा, अग्नि, आकाश इन्हीं पंचतत्वों से बना है और इसलिए हमारी 5000 साल पुरानी विरासत आयुर्वेद में सूर्य चिकित्सा, मिट्टी, चिकित्सा, रश्मि चिकित्सा जैसी थेरेपी से ही इलाज किया जाता है।
अपनी ही हज़ारों साल पुरानी विरासत को देश के लोग ही नहीं समझ रहे लेकिन विदेशी लोग खूब समझ रहे हैं तभी तो डेनमार्क में बच्चों को स्पेशली मिट्टी में खेलने के लिए encourage किया जा रहा है क्योंकि यूरोपियंस mud therapy की ताकत को खूब समझ रहे हैं।नेचुरोपैथी वरदान है जिसमें 100 रोगों का निदान है इसलिए आज शुगर-बीपी, हार्ट, थायराइड, मोटापा, इनडायजेशन जैसी लाइफस्टाइल डिजीज़ को नेचुरल उपाय से ठीक करने के उपाय स्वामी रामदेव से जानेंगे जो हरिद्वार से पहुंच गए हैं पावन धरती प्रयागराज में।अब अगले 3 दिन महाकुंभ से ही योगगुरू हर बीमारी दूर करवाएंगे
प्राकृतिक चिकित्सा – भारत की विरासत
क्षिति-मिट्टी
जल-पानी
पावक-आग
गगन-खाली जगह
समीर-हवा
भारत में नेचुरोपैथी
यूरोप से भारत में वापसी
बापू नेचुरोपैथी के मुरीद
भारत में बनाया पॉपुलर
क्या है नेचुरोपैथी ?
कुदरती तरीके से जीने की कला
बिना दवा के रोगों का उपचार
लाइफ स्टाइल देखकर इलाज
नेचुरोपैथी के तरीके
जल चिकित्सा
सूर्य चिकित्सा
वायु चिकित्सा
मिट्टी चिकित्सा
एक्यूप्रेशर
योग-व्रत
नेचुरोपैथी में उपाय सर्दी-बुखार
आराम करें
नींबू पानी पीएं
लिक्विड डाइट लें
नेचुरोपैथी में उपाय – ज्वाइंट्स पेन
सरसों तेल से मालिश
गर्म-ठंडे पानी से सिकाई
नेचुरोपैथी में उपाय – चेस्ट इन्फेक्शन
कुंजल क्रिया – बलगम बाहर निकल आता है
चेस्ट पर – गुनगुने तेल से मालिश करें
गुनगुने पानी से हाथ और पैर को धोएं
नेचुरोपैथी में उपाय – मड थेरेपी
6-8 फीट अंदर की मिट्टी लें
मिट्टी को 12-14 घंटे धूप में सुखाएं
पत्थर या गंदगी हो तो निकाल दें
कीचड़ बनाकर पूरे शरीर में लेप लें
शरीर में मिट्टी लेप से नर्व्स को आराम
स्किन में मौजूद टॉक्सिन दूर होते हैं
पेट के हिस्से में लगाने से कब्ज दूर











